द्वितीय राजा 14
यारोबाम द्वितीय का शासनकाल
23 यहूदा के राजा योआश के पुत्र अमस्याह के राज्य के पन्द्रहवें वर्ष में इस्राएल के राजा यहोआश का पुत्र यारोबाम शोमरोन में राज्य करने लगा, और इकतालीस वर्ष तक राज्य करता रहा।
24 और उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा जान पड़ा; नबात के पुत्र यारोबाम ने, जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके किसी भी पाप से वह कभी दूर न हुआ।
25 और उस ने हमात के प्रवेश से लेकर मैदान के समुद्र तक इस्राएल की सीमाएं दृढ़ कीं; यह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के उस वचन के अनुसार हुआ, जो उस ने अपके दास योना के पुत्रा से कहलवाया या। भविष्यवक्ता अमिताल, जो गत-एफ़र से थे।
26 क्योंकि यहोवा ने देखा, कि इस्राएल का दुःख बड़ा भारी है, और उस ने न तो उसे बन्द किया, और न त्यागा, और न किसी ने इस्राएल की सहाथता की।
27 और यहोवा ने अब तक इस्राएल का नाम पृय्वी पर से मिटाने की न कही थी; परन्तु उस ने उनको योआश के पुत्र यारोबाम के हाथ से पकड़वाया।
28 यारोबाम के और सब काम, और उसके सब काम, और उसका पराक्रम, और वह कैसे लड़े, और इस्राएल का राजा होकर दमिश्क और हमात को, जो यहूदा का हो गया, फिर किस प्रकार ले लिया, यह सब इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है। इजराइल का?
29 और यारोबाम अपने पुरखाओं के संग इस्राएल के राजाओं के संग सो गया; और उसका पुत्र जकरयाह उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
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