quarta-feira, 29 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 23 योशिय्याह ने सभी लोगों को इकट्ठा किया और प्रभु की वाचा को नवीनीकृत किया

 द्वितीय राजा 23

योशिय्याह ने सभी लोगों को इकट्ठा किया और प्रभु की वाचा को नवीनीकृत किया


1 तब राजा ने आज्ञा दी, और यहूदा और यरूशलेम के सब पुरनिये उसके पास इकट्ठे हुए।

2 और राजा यहूदा के सब पुरूषों, और यरूशलेम के सब निवासियों, और याजकों, और भविष्यद्वक्ताओं, और छोटे से लेकर बड़े तक सारी प्रजा को संग लेकर यहोवा के भवन को गया; और और उस ने वाचा की पुस्तक के सब वचन जो यहोवा के भवन में पाए गए थे, उनको पढ़कर सुनाया।

3 और राजा ने खम्भे के पास खड़े होकर यहोवा के साम्हने यह वाचा बान्धी, कि हम यहोवा के साथ-साथ चलेंगे, और उसकी आज्ञाओं, चितौनियों, और विधियों को अपने सारे मन और सारे प्राण से मानेंगे, और उस की पुष्टि करेंगे। इस वाचा के शब्द, जो उस पुस्तक में लिखे गए थे; और सभी लोग इस संगीत कार्यक्रम में शामिल हुए।

4 और राजा ने हिल्किय्याह महायाजक, और पहिलौठे याजकों, और द्वारपालोंको आज्ञा दी, कि जितने पात्र बाल और वन के लिथे बनाए गए थे उन सभोंको यहोवा के भवन में से उठा ले जाओ। स्वर्ग की सारी सेना के लिये: और उस ने उनको यरूशलेम के बाहर किद्रोन के मैदान में जला दिया, और उनकी राख बेतेल को पहुंचा दी।

5 और उन याजकोंको, जिन्हें यहूदा के राजाओं ने यहूदा के नगरोंमें और यरूशलेम के आस पास के ऊंचे स्थानोंपर धूप जलाने के लिथे नियुक्त किया या, और जो बाल, सूर्य, चंद्रमा, और अन्य ग्रहोंऔर सारी सेना को क्रोधित करते थे, उनको भी उस ने हटा दिया। स्वर्ग की।

6 और उस ने यहोवा के भवन में से मूरत को यरूशलेम के बाहर जंगल से किद्रोन के नाले तक ले गया, और किद्रोन नाले के पास फूंक दिया, और चूर चूर कर डाला, और उसकी धूल बालकोंकी कब्रोंपर डाल दी लोगों की।

7 और उस ने यहोवा के भवन में रहनेवाले उन दुष्ट जवानोंके घरोंको भी ढा दिया, जहां स्त्रियां जंगल की मूरत के लिथे छोटे-छोटे घर बना रही थीं।

8 और उस ने यहूदा के नगरोंसे सब याजकोंको बुलवाया, और गेबा से लेकर बेर्शेबा तक के ऊंचे स्थानोंको जहां याजकोंने क्रोध किया या, उनको अशुद्ध कर दिया; और जो फाटकोंके ऊंचे स्थान यहोशू के फाटक के साम्हने थे उनको उस ने तोड़ डाला, नगर का हाकिम, और वे नगर के फाटक में प्रवेश करनेवाले के बायीं ओर थे।

9 परन्तु ऊंचे स्थानोंके याजकोंने यरूशलेम में यहोवा की वेदी पर बलिदान न किया; परन्तु उन्होंने अपने भाइयोंके बीच अखमीरी रोटी खाई।

10 और उस ने तोपेत को जो हिन्नोमियोंकी तराई में है अशुद्ध किया; ताकि कोई अपने बेटे या बेटी को मोलेक के लिये आग में होम करके न चढ़ाए।

11 और जो घोड़े यहूदा के राजाओं ने सूर्य के लिथे ठहराए थे, उनको भी उस ने यहोवा के भवन के द्वार पर, नातानमेलेक नाम खोजे की कोठरी के पास, जो बाड़े में या, छीन लिया; और सूर्य के रथ भी वह आग से जल गया.

12 और राजा ने आहाज की ऊपरी कोठरी की छत पर जो वेदियां बनाईं थीं, उनको यहूदा के राजाओं ने ढा दिया, जैसा मनश्शे ने यहोवा के भवन के दोनों आंगनों में बनाई हुई वेदियां गिरा दीं। ; और उस ने उनको वहां से टुकड़े टुकड़े कर लिया, और उनकी धूलि किद्रोन नाले में फेंक दी।

13 और राजा ने यरूशलेम के साम्हने मसीत नाम पहाड़ की दाहिनी ओर के ऊंचे स्थानोंको, जिसे इस्राएल के राजा सुलैमान ने बनवाया या, अर्यात् अश्तारोत जो सीदोनियोंकी घृणित वस्तु या, और हमूश जो मोआबियोंकी घृणित वस्तु है, और मिल्कोम को भी अशुद्ध कर दिया अम्मोनियों का घृणित कार्य।

14 इसी रीति से उस ने मूरतोंको तोड़ डाला, और अशेरा नाम पेड़ोंको काट डाला, और उनका स्यान मनुष्य की हड्डियोंसे भर दिया।

Nenhum comentário:

Postar um comentário