द्वितीय राजा 15
मनहेम इस्राएल पर राज्य करता है
17 यहूदा के राजा अजर्याह के राज्य के उनतालीसवें वर्ष से गादी का पुत्र मनहेम इस्राएल पर राज्य करने लगा, और दस वर्ष तक शोमरोन में राज्य करता रहा।
18 और उस ने वह किया जो यहोवा की दॄष्टि में बुरा लगा, अर्यात् नबात का पुत्र यारोबाम जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके पापों से वह जीवन भर अलग न हुआ।
19 तब अश्शूर के राजा खींचो ने देश पर चढ़ाई की; और मनहेम ने खींच को एक हजार किक्कार चान्दी दी, कि वह उसके साथ चले, और राज्य को उसके हाथ में दृढ़ करे।
20 और मनहेम ने इस्राएल के सब सामर्थियोंऔर धनवानोंमें से यह रूपया इस मनसा से ले लिया, कि प्रति पुरूष पचास शेकेल चान्दी अश्शूर के राजा को दे; इस प्रकार अश्शूर का राजा लौट गया, और उस देश में न रहा।
21 मनहेम के सब काम और उसके सब काम क्या इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
22 और मनहेम अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसका पुत्र पकह्याह उसके स्थान पर राजा हुआ।
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