द्वितीय राजा 15
यहूदा का राजा योताम
32 रमल्याह के पुत्र इस्राएल के राजा पेकह के दूसरे वर्ष में यहूदा के राजा उज्जिय्याह का पुत्र योताम राज्य करने लगा।
33 जब वह राज्य करने लगा, तब वह पचीस वर्ष का या, और यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम यरूसा या, जो सादोक की बेटी थी।
34 और उस ने वही किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था, अर्यात् उस ने अपके पिता उज्जिय्याह के समान ही किया।
35 परन्तु ऊंचे स्थान न छीने गए; क्योंकि लोग अब भी ऊंचे स्थानों पर बलिदान करते और धूप जलाते थे; उसी ने यहोवा के भवन का ऊंचा फाटक बनाया।
36 योताम के सब काम और उसके सब कामों का वर्णन क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?
37 उन दिनों में यहोवा ने अराम के राजा रेशिम और रमल्याह के पुत्र पेकह को यहूदा के विरुद्ध भेजना आरम्भ किया।
38 और योताम अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसे उसके पिता दाऊद के नगर में उसके पुरखाओं के बीच मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र आहाज उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
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