quarta-feira, 22 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 19 यशायाह ने हिजकिय्याह को सांत्वना दी

 द्वितीय राजा 19

यशायाह ने हिजकिय्याह को सांत्वना दी

20 तब आमोस के पुत्र यशायाह ने हिजकिय्याह के पास कहला भेजा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू ने अश्शूर के राजा सन्हेरीब के विषय में जो कुछ मुझ से पूछा, वह मैं ने सुन लिया।

21 जो वचन यहोवा ने उसके विषय में कहा वह यह है, कि सिय्योन की बेटी कुमारी तुझे तुच्छ जानती है, वह तुझे ठट्ठों में उड़ाती है; यरूशलेम की बेटी तेरे पीछे सिर हिलाती है।

22 तू ने किसकी निन्दा और निन्दा की है? और तू ने किसके विरुद्ध शब्द उठाया, और अपनी आंखें ऊपर उठाईं? इस्राएल के पवित्र के विरुद्ध?

23 तू ने अपके दूतोंके द्वारा यहोवा की निन्दा करके कहा, मैं अपके बहुत से रथोंके साय लबानोन के पहाड़ोंकी चोटियोंपर चढ़ जाऊंगा, और उसके ऊंचे ऊंचे देवदारोंको और उसके सुन्दर बीच के वृक्षोंको काट डालूंगा। और मैं उसके चरम सरायों में, वरन उसके उपजाऊ मैदान के जंगलों में भी प्रवेश करूंगा।

24 मैं ने पराए जल को खोदकर पीया है, और दृढ़ स्थानोंकी सब नदियों को अपने पांवोंके बल से सुखा डालूंगा।

25 क्या तुम ने नहीं सुना, कि मैं ने पहिले ही से ऐसा किया है, और प्राचीन काल से उसको बनाता आया हूं? परन्तु अब मैं उसे ले आया हूं, कि तू ही दृढ़ नगरोंको उजाड़ कर दे।

26 इस कारण उनके रहनेवाले हाथ खींचे हुए चकित और लज्जित हुए; वे मैदान की घास, और हरी सब्जियों, और छतों की घास, और गेहूं के समान हो गए, जो उगने से पहिले जल जाता था।

27 परन्तु मैं जानता हूं कि तुम्हारा बैठना, तुम्हारा बाहर जाना, तुम्हारा आना, और तुम्हारा क्रोध मुझ पर भड़का है।

28 तेरे क्रोध के कारण जो मुझ पर भड़का है, और तेरा क्रोध मेरे कानों तक पहुंच गया है, इस कारण मैं तेरी नाक में नकेल डालूंगा, और तेरे होठों में अपनी लगाम डालूंगा, और जिस मार्ग से तू आया है उसी से तुझे लौटा दूंगा।

29 और तुम्हारे लिये यह चिन्ह होगा, कि इस वर्ष तो तुम जो अपने आप उगे उसे खाओगे, और अगले वर्ष जो कुछ तुम से उपजाओ उसे खाओगे; परन्तु तीसरे वर्ष बोओ, और काटोगे, और दाख की बारियां लगाकर उनका फल खाओगे।

30 क्योंकि जो यहूदा के घराने से भाग निकला और पीछे रह गया, वह फिर जड़ लगाएगा, और ऊपर की ओर फलवन्त होगा।

31 क्योंकि जो बचे हुए हैं वे यरूशलेम से निकलेंगे, और जो कोई यहोवा की जलन से बच गया है वह सिय्योन पहाड़ से यह करेगा।

32 इसलिये यहोवा अश्शूर के राजा के विषय में यों कहता है, वह इस नगर में प्रवेश न करेगा, और न उस पर तीर छोड़ेगा; और न वह ढाल लेकर उसके साम्हने आएगा, और न उसके विरूद्ध कोई बचाव करेगा।

33 जिस मार्ग से वह आए, उसी मार्ग से लौट जाएगा; परन्तु वह इस नगर में प्रवेश न करेगा, यहोवा का यही वचन है।

34 क्योंकि मैं अपने निमित्त और अपने दास दाऊद के निमित्त इस नगर को बचाकर रखूंगा।

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