द्वितीय राजा 22
हिल्किय्याह को कानून की किताब मिलती है
8 तब हिल्किय्याह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिली है। और हिल्किय्याह ने वह पुस्तक शापान को दी, और उस ने उसे पढ़ा।
9 तब शापान मंत्री ने राजा के पास आकर राजा को उत्तर दिया, और कहा, जो रूपया भवन में मिला, उसे तेरे दासोंने इकट्ठा करके काम के सरदारोंके हाथ सौंप दिया है। , जो यहोवा के भवन के अधिकारी हैं।
10 शापान मंत्री ने भी राजा को यह समाचार दिया, कि हिल्किय्याह याजक ने मुझे एक पुस्तक दी है। और शापान ने उसे राजा के साम्हने पढ़कर सुनाया।
11 और ऐसा हुआ, कि जब राजा ने व्यवस्था की पुस्तक की बातें सुनीं, तब उस ने अपने वस्त्र फाड़े।
12 तब राजा ने हिल्किय्याह याजक, और शापान के पुत्र अहीकाम, मीकायाह के पुत्र अकबोर, शापान मंत्री, और असायाह राजा के सेवक के पास कहला भेजा,
13 तू जाकर मेरे लिये, और प्रजा के लिये, और सारे यहूदा के लिये, इस पुस्तक के वचनों के विषय में यहोवा से पूछ; क्योंकि यहोवा का क्रोध बड़ा है, जो हम पर भड़का है; क्योंकि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें नहीं मानीं, कि जो कुछ हमारे विषय में लिखा है उसके अनुसार न करें।
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