sexta-feira, 17 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 15 पकह्याह, इस्राएल का राजा

 द्वितीय राजा 15

पकह्याह, इस्राएल का राजा

23 यहूदा के राजा अजर्याह के पचासवें वर्ष में मनहेम का पुत्र पकह्याह राज्य करने लगा, और दो वर्ष तक शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करता रहा।

24 और उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था, अर्थात नबात का पुत्र यारोबाम जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके पापों से उस ने कभी मुंह न मोड़ा।

25 और उसका प्रधान रमल्याह का पुत्र पेकह। उसके खिलाफ साजिश रची. और उस ने उसे शोमरोन में राजभवन के कुएँ के पास अर्गोब और अरी समेत मार लिया; और गिलादियों में से पचास पुरूष उसके संग थे; और उस ने उसको घात किया, और उसके स्थान पर राजा हुआ।

26 पकह्याह के बड़े बड़े काम और उसके सब कामोंका वर्णन इस्राएल के राजाओंके इतिहास की पुस्तक में लिखा है।

27 यहूदा के राजा अजर्याह के राज्य के बावनवें वर्ष में रमल्याह का पुत्र पेकह राज्य करने लगा, और सामरिया में इस्राएल पर बीस वर्ष तक राज्य करता रहा।

28 और उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था, अर्थात नबात का पुत्र यारोबाम जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके पापों से उस ने कभी मुंह न मोड़ा।

29 इस्राएल के राजा पेकह के दिनों में अश्शूर के राजा तिग्लत्पिलेसेर ने आकर इयोम, और हाबिल-बेतमाका, और यानोह, और केदेश, और हासोर, और गिलाद, और गलील, और नप्ताली का सारा देश ले लिया उन्हें अश्शूर ले आये।

30 और एला के पुत्र होशे ने रमल्याह के पुत्र पेकह से राजद्रोह की गोष्ठी करके उसे मारा, और घात किया, और उज्जिय्याह के पुत्र योताम के बीसवें वर्ष में उसके स्थान पर राजा हुआ।

31 पेकह के और सब काम और जो कुछ उसने किया वह सब इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखा है।

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