segunda-feira, 20 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 18 हिजकिय्याह ने प्रभु की आराधना को पुनः स्थापित किया

 द्वितीय राजा 18

हिजकिय्याह ने प्रभु की आराधना को पुनः स्थापित किया


1 और इस्राएल के राजा एला के पुत्र होशे के तीसरे वर्ष में यहूदा के राजा आहाज का पुत्र हिजकिय्याह राज्य करने लगा।

2 जब वह राज्य करने लगा, तब वह पच्चीस वर्ष का या, और यरूशलेम में उनतीस वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम अबी या, जो जकर्याह की बेटी थी।

3 और उस ने वही किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक था, अर्थात् उसके पिता दाऊद के समान।

4 उस ने ऊंचे स्थानोंको ढा दिया, और मूरतोंको तोड़ डाला, और जंगलोंको काट डाला, और पीतल के उस सांप को जो मूसा ने बनाया या, टुकड़े टुकड़े कर डाला; क्योंकि उस दिन तक इस्राएली उसके लिथे धूप जलाते रहे, और उसका नाम नेउस्तां रखा। .

5 उस ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा, यहां तक ​​कि उसके बाद यहूदा के सब राजाओं में, वा उस से पहिले के राजाओं में, उसके तुल्य कोई न हुआ।

6 क्योंकि वह यहोवा के पास आया, और उसके पीछे न हटा, और जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी या, उन को वह मानता रहा।

7 इसलिये यहोवा उसके संग रहा; वह जहां कहीं जाता था वहां भी बुद्धिमानी से काम करता था, और अश्शूर के राजा से बलवा करता था, और उसकी सेवा न करता था।

8 और उस ने पलिश्तियोंको गाजा तक, और उसके सिवानोंपर, और पहरूए गुम्मट से ले कर दृढ़ नगर तक जीत लिया।

9 और ऐसा हुआ कि राजा हिजकिय्याह के चौथे वर्ष में, 9 जो एला के पुत्र इस्राएल के राजा होशे का सातवां वर्ष था, अश्शूर के राजा शल्मनेसेर ने शोमरोन पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया।

10 और तीन वर्ष के बीतने पर उन्होंने उसे ले लिया, अर्थात हिजकिय्याह के छठे वर्ष में, जो इस्राएल के राजा होशे के राज्य का नौवां वर्ष था, जब उन्होंने शोमरोन पर अधिकार कर लिया।

11 और अश्शूर का राजा इस्राएल को बन्धुआई करके अश्शूर के पास ले गया; और उनको हलाह और हाबोर, और गोजान नदी के तीर पर, और मादियोंके नगरोंमें ले आया;

12 क्योंकि उस ने अपके परमेश्वर यहोवा की बात न मानी, वरन उसकी वाचा को तोड़ दिया; और जो जो आज्ञा यहोवा के दास मूसा ने दी, उसको उन्होंने न सुना, और न माना।

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