द्वितीय राजा 13
एलीशा बीमार पड़ जाता है और यहोआश उसके पास आता है
14 और एलीशा अपनी बीमारी से ऐसा बीमार हो गया कि वह मर गया; और इस्राएल का राजा यहोआश उसके पास आकर उसके मुंह पर गिरकर रोने लगा, और कहने लगा, हे मेरे पिता, हे इस्राएल के रथ, और उनके सवार!
15 एलीशा ने उस से कहा, धनुष और तीर ले ले। और उसने धनुष-बाण ले लिया।
16 तब इस्राएल के राजा ने कहा, अपना हाथ धनुष पर चढ़ा। और उस ने उस पर अपना हाथ रखा; और एलीशा ने अपने हाथ राजा के हाथों पर रखे।
17 और उस ने कहा, पूर्व की ओर की खिड़की खोल दे। और उसे खोला. तब एलीशा ने कहा, गोली मारो। और उसने गोली मार दी; और उस ने कहा, यहोवा का तीर अरामियोंके छुड़ाने का तीर है; क्योंकि तू अपेक में अरामियोंको तब तक मारता रहेगा जब तक उनका अन्त न हो जाए।
18 और उस ने कहा, तीर ले लो। और वह उन्हें ले गया. तब उस ने इस्राएल के राजा से कहा, देश को मार डालो। और उस ने उसे तीन बार मारा, और वह रुक गया।
19 तब परमेश्वर का जन उस पर बहुत क्रोधित हुआ, और कहा, तुझे तो उसे पांच या छः बार मारना चाहिए था; फिर तो तू अरामियोंको तब तक मारता, जब तक कि वह उन्हें भस्म न कर दे; परन्तु अब तू अरामियों को केवल तीन बार ही मारता।
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