quarta-feira, 15 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 13 यहोआहाज और योआश, इस्राएल के राजा

 द्वितीय राजा 13

यहोआहाज और योआश, इस्राएल के राजा


1 अहज्याह के पुत्र यहूदा के राजा योआश के राज्य के तेईसवें वर्ष में येहू का पुत्र यहोआहाज शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और सत्रह वर्ष तक राज्य करता रहा।

2 और उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा जान पड़ा; क्योंकि वह नबात के पुत्र यारोबाम, जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके पापों के अनुसार चला; वह उनसे अलग नहीं हुआ।

3 इस कारण यहोवा का कोप इस्राएल पर भड़क उठा, और उस ने उनको अराम के राजा हजाएल के वश में कर दिया, और हजाएल के पुत्र बेनदाद के वश में कर दिया।

4 परन्तु योआहाज ने यहोवा के साम्हने बिनती की; और यहोवा ने उसकी सुन ली; क्योंकि उस ने इस्राएल पर अन्धेर देखा, क्योंकि अराम के राजा ने उन पर अन्धेर किया था।

5 और यहोवा ने इस्राएल को एक उद्धारकर्ता दिया, और वे अरामियों के हाथ से निकल गए; और इस्राएली पहिले के समान अपने डेरे में बस गए।

6 तौभी वे यारोबाम के घराने के, जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके पापों से अलग न हुए; वरन उन पर चलते रहे, और शोमरोन में जंगल भी बना रहा।

7 क्योंकि उस ने यहोआहाज के वश में और कोई प्रजा न छोड़ी, केवल पचास सवार, दस रथ, और दस हजार पुरूष छोड़ दिए; क्योंकि अराम के राजा ने उनको नाश कर डाला, और चूर चूर करके मिट्टी बना दिया था।

8 यहोआहाज के और सब काम और उसके सब काम, और उसकी शक्ति का वर्णन क्या इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?

9 और यहोआहाज अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उन्होंने उसे शोमरोन में मिट्टी दी। और उसका पुत्र योआश उसके स्यान पर राज्य करने लगा।

10 यहूदा के राजा योआश के राज्य के सैंतीसवें वर्ष में यहोआहाज का पुत्र यहोआश शोमरोन में इस्राएल पर राज्य करने लगा, और सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा।

11 और उस ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था; अर्थात् नबात के पुत्र यारोबाम ने, जिस ने इस्राएल से पाप कराया या, उसके पापों में से किसी से वह न फिरा, वरन उन पर चलता रहा।

12 यहोआश की और सब विजयें, और जो कुछ उसने किया, और उसकी शक्ति जिस से वह यहूदा के राजा अमस्याह से लड़ा, वह सब क्या इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?

13 और यहोआश अपने पुरखाओं के संग सो गया, और यारोबाम उसके सिंहासन पर बैठा; और यहोआश को इस्राएल के राजाओं के बीच शोमरोन में मिट्टी दी गई।

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