द्वितीय राजा 08
हजाएल ने बेनदाद को मार डाला
7 तब एलीशा दमिश्क में आया, जब अराम का राजा बेनादेत बीमार था, और उन्होंने उस से कहा, परमेश्वर का भक्त यहां आया है।
8 तब राजा ने हजाएल से कहा, अपके हाथ में भेंट ले, और जाकर परमेश्वर के भक्त से भेंट कर; और उसके लिथे यहोवा से पूछना, क्या मैं इस रोग से अच्छा हो जाऊंगा?
9 तब हजाएल उस से भेंट करने को गया, और उसके हाथ में एक भेंट ले गया, अर्थात् दमिश्क के सब अच्छे माल में से चालीस ऊंट लदे हुए; और वह आकर उसके साम्हने खड़ा होकर कहने लगा, क्या तेरे पुत्र अराम के राजा बेनादाद ने मुझे तेरे पास यह कहने को भेजा है, कि क्या मैं इस रोग से अच्छा हो जाऊंगा?
10 और एलीशा ने उस से कहा, जाकर उस से कह, तू निश्चय न बचेगा। क्योंकि यहोवा ने मुझे दिखाया है कि वह अवश्य मरेगा।
11 और उस ने दृष्टि की, और उसे तब तक देखता रहा जब तक वह लज्जित न हो गया: और परमेश्वर का भक्त रो पड़ा।
12 तब हजाएल ने कहा, मेरा प्रभु क्यों रोता है? और उस ने कहा, क्योंकि मैं जानता हूं कि तू इस्राएलियोंसे क्या बुराई करेगा; तू उनके गढ़ोंमें आग लगा देगा, और उनके जवानोंको तलवार से घात कर डालेगा, और उनके बच्चोंको टुकड़े टुकड़े कर डालेगा, और उनके तू पत्थर तोड़ डालेगा।
13 और हजाएल ने कहा, तेरा दास जो कुत्ता है क्या है, कि ऐसा बड़ा काम करे? और एलीशा ने कहा, यहोवा ने मुझे दिखाया है कि तू अराम का राजा होगा।
14 तब वह एलीशा के पास से चला गया, और अपने स्वामी के पास आया, और उस से पूछा, एलीशा ने तुम से क्या कहा? और उस ने कहा, उस ने मुझ से कहा, कि तू निश्चय चंगा हो जाएगा।
15 और दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उस ने कम्बल लेकर जल में डुबाया, और अपने मुंह पर ओढ़ाया, और वह मर गया। और हजाएल उसके स्यान पर राज्य करने लगा।
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