द्वितीय राजा 08
योराम का शासनकाल
16 और इस्राएल के राजा अहाब के पुत्र यहोराम के राज्य के पांचवें वर्ष में, जब यहूदा पर यहोशापात राज्य कर ही रहा या, तब यहूदा का राजा यहोशापात का पुत्र यहोराम राज्य करने लगा।
17 जब वह राज्य करने लगा, तब वह तीस वर्ष का या, और आठ वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा।
18 और वह अहाब के घराने की नाई इस्राएल के राजाओं की सी चाल चला, क्योंकि उसकी पत्नी अहाब की बेटी थी, और वह यहोवा की दृष्टि में बुरा करता था।
19 परन्तु यहोवा ने अपके दास दाऊद के कारण यहूदा को नाश न किया, क्योंकि उस ने उस से कहा या, कि मैं उसके बेटोंको सदा के लिथे दीपक दूंगा।
20 उसके दिनों में एदोमियों ने यहूदा की आज्ञा के विरूद्ध बलवा किया, और अपने ऊपर राजा नियुक्त कर लिया।
21 इसलिथे योराम सब रथोंसमेत सायैर को पार गया, और रात को उठकर अपके चारोंओर के एदोमियोंको और रथोंके प्रधानोंको मार डाला; और लोग अपने डेरे को चले गए।
22 तौभी एदोमी यहूदा की आज्ञा के विरुद्ध बलवा करते आए हैं, और आज के दिन तक हैं; फिर उसी समय लिब्ना ने भी बलवा किया।
23 क्या यहोराम की अधिकांश सफलताएं और उसके सब काम यहूदा के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
24 और यहोराम अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसे दाऊदपुर में उसके पुरखाओं के बीच मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र अहज्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
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