quinta-feira, 9 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 08 शुनेम्मिन अपने देश को लौट गई

 द्वितीय राजा 08

शुनेम्मिन अपने देश को लौट गई


1 और एलीशा ने उस स्त्री से जिसके बेटे को उस ने जिलाया या, कहा, उठ, अपके घराने समेत जा, और जहां कहीं तू रह सके वहां रह; क्योंकि यहोवा ने अकाल बुलाया है, जो देश पर सात वर्ष तक पड़ेगा।

2 और उस स्त्री ने उठकर परमेश्वर के भक्त के वचन के अनुसार किया, और अपके घराने समेत पलिश्तियोंके देश में सात वर्ष तक परदेशी होकर रही।

3 और सात वर्ष के बीतने पर वह स्त्री पलिश्तियोंके देश से लौट आई, और अपके घर और भूमि के लिथे राजा के पास दोहाई देने को निकली।

4 तब राजा ने परमेश्वर के जवान गेहजी से कहा, एलीशा ने जो बड़े बड़े काम किए हैं, उन सभोंको मुझे बताओ।

5 और ऐसा हुआ कि जब उस ने राजा को यह समाचार दिया, कि उस ने एक मरे हुए बालक को जिलाया या, तब वह स्त्री, जिसका बेटा उस ने जिलाया था, अपने घर और अपनी भूमि के लिथे राजा के पास चिल्लाई; और गेहजी ने कहा, हे मेरे प्रभु, , हे राजा, यही वह स्त्री है, और यह उसका पुत्र है, जिसे एलीशा ने जीवित किया है।

6 और राजा ने स्त्री से पूछा, और उस ने उस से यह कहा, तब राजा ने उसे एक खोजे को देकर कहा, कि जब से उस ने देश छोड़ा है तब से ले कर अब तक उसका सब कुछ और उसकी भूमि की सारी कमाई उसे लौटा दे।

Nenhum comentário:

Postar um comentário