terça-feira, 7 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 06 एलीशा एक कुल्हाड़ी का लोहा तैराता है

 द्वितीय राजा 06

एलीशा एक कुल्हाड़ी का लोहा तैराता है


1 और भविष्यद्वक्ताओं के चेलों ने एलीशा से कहा, देख, जिस स्यान में हम तेरे साम्हने रहते हैं वह हमारे लिये सुनसान है।

2 इसलिये आओ, हम यरदन के पास जाएं, और वहां से हम में से हर एक एक लकड़ी ले ले, और वहां अपने रहने के लिये जगह बना लें। और उस ने कहा, जाओ।

3 और एक ने कहा, अपके दासोंके साय चलने में सहायता कर। और उसने कहा: मैं जाऊंगा.

4 और वह उनके संग चला; और जब वे यरदन तक पहुंचे, तो लकड़ियाँ काटने लगे।

5 और ऐसा हुआ, कि उन में से एक पर लकड़ी गिरी, और लोहा जल में गिर पड़ा; और उस ने चिल्लाकर कहा, हाय, हे मेरे प्रभु! क्योंकि यह उधार लिया गया था.

6 और परमेश्वर के भक्त ने कहा, वह कहां गिर गया? और उस ने उसे स्थान दिखाकर एक लकड़ी काट कर वहां फेंक दी, और लोहे को तैरा दिया।

7 और उस ने कहा, उसे उठा ले। फिर उसने अपना हाथ बढ़ाया और उसे ले लिया।

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