sábado, 4 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 04 बीस रोटियाँ सौ मनुष्यों को तृप्त करती हैं

 द्वितीय राजा 04

बीस रोटियाँ सौ मनुष्यों को तृप्त करती हैं


42 और एक मनुष्य बाल शालिसा से आया, और परमेश्वर के भक्त के पास पहिली उपज की रोटी, अर्यात्‌ जौ की बीस रोटियां, और भूसे में हरी हरी बालें ले आया, और कहा, लोगोंको दे, कि वे खाएं।

43 परन्तु उसके सेवक ने कहा, मैं इसे सौ पुरूषोंके साम्हने क्योंकर रखूं? और उस ने कहा, इसे लोगों को दे दो, कि वे खाएं; क्योंकि यहोवा यों कहता है, वह खाया जाएगा, और तृप्त हो जाएगा।

44 तब उस ने उसे उनके साम्हने रख दिया, और यहोवा के वचन के अनुसार उन्होंने खाया, और बचा भी रखा।

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