द्वितीय राजा 04
बीस रोटियाँ सौ मनुष्यों को तृप्त करती हैं
42 और एक मनुष्य बाल शालिसा से आया, और परमेश्वर के भक्त के पास पहिली उपज की रोटी, अर्यात् जौ की बीस रोटियां, और भूसे में हरी हरी बालें ले आया, और कहा, लोगोंको दे, कि वे खाएं।
43 परन्तु उसके सेवक ने कहा, मैं इसे सौ पुरूषोंके साम्हने क्योंकर रखूं? और उस ने कहा, इसे लोगों को दे दो, कि वे खाएं; क्योंकि यहोवा यों कहता है, वह खाया जाएगा, और तृप्त हो जाएगा।
44 तब उस ने उसे उनके साम्हने रख दिया, और यहोवा के वचन के अनुसार उन्होंने खाया, और बचा भी रखा।
Nenhum comentário:
Postar um comentário