sábado, 4 de janeiro de 2025

द्वितीय राजा 04 एलीशा विधवा का तेल बढ़ाता है

 द्वितीय राजा 04

एलीशा विधवा का तेल बढ़ाता है


1 और भविष्यद्वक्ताओं के चेलों में से एक स्त्री ने एलीशा से चिल्लाकर कहा, मेरा पति जो तेरा दास है, वह मर गया; और तू जानता है, कि तेरा दास यहोवा का भय मानता है; और ऋणदाता मेरे दोनों पुत्रों को दास बनाने के लिये ले जाने को आया।

2 एलीशा ने उस से कहा, मैं तुझ से क्या करूं? मुझे बताओ कि तुम्हारे घर पर यही है। और उस ने कहा, तेरी दासी के घर में एक कुप्पी तेल छोड़ और कुछ नहीं।

3 तब उस ने कहा, जाकर अपके सब पड़ोसियों से अपने लिथे बरतन उधार ले लो; थोड़े नहीं, पर खाली ही बरतन।

4 तब भीतर जाकर अपने और अपने बालबच्चोंके लिये द्वार बन्द करो, और उन सब पात्रोंमें तेल उण्डेल दो, और जो भर जाए उसे अलग रख दो।

5 तब वह उसके पास से चला गया, और अपने और अपने बेटोंके लिथे द्वार बन्द किया; और वे उसके पास बर्तन ले आए, और उसने उन्हें भर दिया।

6 और जब बर्तन भर गए, तो उस ने अपने बेटे से कहा, मेरे पास एक और बर्तन ले आ। परन्तु उस ने उस से कहा, कोई जहाज नहीं बचा। फिर तेल मिलना बंद हो गया.

7 तब उस ने आकर परमेश्वर के भक्त से कहा; और उस ने कहा, जाकर तेल बेच, और अपना कर्ज़ चुका दे; और तू और तेरे बाल-बच्चे विश्राम पर रहते हैं।

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