द्वितीय इतिहास 08
सुलैमान हित्तियों को सहायक नदियाँ बनाता है
7 और हित्तियों, एमोरी, परिज्जी, हिब्बी, और यबूसी में से जो लोग बच गए, और इस्राएल के न थे;
8 और उनकी सन्तान में से जो उनके पीछे देश में रह गए, और जिनको इस्राएलियोंने नाश न किया, सुलैमान ने उनको कर दिया, जो आज के दिन तक बने हैं।
9 परन्तु इस्राएल की सन्तान को सुलैमान ने अपके काम के लिथे दास न ठहराया, परन्तु वे योद्धा, और प्रधान, और रय, और सवारोंपर प्रधान थे।
10 राजा सुलैमान के दो सौ पचास मुख्य हाकिम थे, जो प्रजा पर प्रधान थे।
11 और सुलैमान फिरौन की बेटी को दाऊद के नगर से उस भवन में ले आया, जो उस ने उसके लिये बनाया या; क्योंकि उस ने कहा, मेरी पत्नी इस्राएल के राजा दाऊद के भवन में रहने न पाएगी; क्योंकि जिन स्यानोंमें यहोवा का सन्दूक प्रवेश करता है वे पवित्र हैं।
12 तब सुलैमान ने यहोवा की उस वेदी पर, जो उस ने ओसारे के साम्हने बनाई थी, यहोवा के लिये होमबलि चढ़ाया;
13 और यह प्रत्येक दिन के कर्तव्य के अनुसार, अर्यात् विश्रामदिनों, और नये चांद के दिनों, और पर्ब्बोंपर, अर्थात् वर्ष में तीन बार, और अखमीरी रोटी के पर्ब्ब, और सप्ताहोंके पर्ब्ब, और तम्बुओंके पर्ब्ब पर, मूसा की आज्ञा के अनुसार चढ़ावा चढ़ाना।
14 इसके अलावा, डेविड अपने पिता के आदेश के अनुसार, उन्होंने अपने मंत्रालय में पुजारियों के विभाजन का आदेश दिया, और उनके कार्यालयों में लेवियों को भी, भगवान की स्तुति करने के लिए, और पुजारियों से पहले मंत्री के लिए, प्रत्येक दिन के लिए नियुक्त किया गया था, और हर द्वार पर उनके डिवीजनों द्वारा पोर्टर्स: इस तरह के लिए डेविड की आज्ञा थी, भगवान का आदमी।
15 और वे याजकोंऔर लेवियोंके विषय में, यहां तक कि खजानोंके विषय में, राजा की आज्ञा से न हटे।
16 यहोवा के भवन की नींव पड़ने के दिन से लेकर उसके तैयार होने तक सुलैमान का सारा काम इसी प्रकार तैयार किया गया: और यहोवा का भवन इस प्रकार तैयार किया गया।
17 तब सुलैमान एदोम देश में समुद्र के किनारे एस्योनगेबेर और एलोत को गया।
18 और हीराम ने अपके दासों, जहाजियोंऔर जलचरोंके हाथ उसके पास भेज दिए, और वे सुलैमान के सेवकोंके साय ओपीर को गए, और वहां से साढ़े चार सौ किक्कार सोना लेकर राजा सुलैमान के पास ले आए।
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