segunda-feira, 17 de março de 2025

द्वितीय इतिहास 16 आसा और सीरिया का राजा बाशा के विरुद्ध लड़ रहे हैं

 द्वितीय इतिहास 16

आसा और सीरिया का राजा बाशा के विरुद्ध लड़ रहे हैं

1 आसा के राज्य के छत्तीसवें वर्ष में इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई करके रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा को कोई बाहर जाने न दे सके, और न उस में प्रवेश करने पाए।

2 तब आसा ने परमेश्वर के भवन और राजभवन के भण्डारों में से सोना-चान्दी छीन लिया; और उसने अराम के राजा बेनादाद को, जो दमिश्क में रहता या, कहला भेजा:

3 मेरे और तेरे बीच में वैसी ही वाचा है, जैसी मेरे पिता और तेरे बीच में थी: देख, मैं तेरे लिये चाँदी और सोना भेजता हूं; इसलिये तू जाकर इस्राएल के राजा बाशा के साथ जो वाचा बान्धी है उसे तोड़ डाल, और वह मुझ से दूर हो जाए।

4 और बेनदाद ने राजा आसा की बात मानी, और अपने दलोंके प्रधानोंको इस्राएल के नगरोंके विरुद्ध भेज दिया, और उन्होंने इजोम, दान, और आबेलमैम को जीत लिया; और नप्ताली के गोला बारूद वाले सब नगरों को।

5 और ऐसा हुआ कि जब बाशा ने यह सुना, तब उस ने रामा को बनाना छोड़ दिया; और उसने अपना काम जारी नहीं रखा।

6 तब राजा आसा ने सारे यहूदा को ले लिया, और रामा के पत्थरोंऔर लकड़ी को, जिस से बासा ने बनाया या, ले गए; और इस से उस ने गेबा और मिस्पा को दृढ़ किया।

7 उसी समय हनानी दशी ने यहूदा के राजा आसा के पास आकर उस से कहा, तू ने जो अराम के राजा पर भरोसा रखा, और अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा न रखा, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से छूट गई।

8 क्या कूशियोंऔर लीबियाइयोंकी बड़ी सेना न थी, और बहुत से रथ और सवार न थे? परन्तु जैसा कि तुमने यहोवा पर भरोसा रखा, उसने उन्हें तुम्हारे हाथ में कर दिया।

9 क्योंकि यहोवा की दृष्टि सारी पृय्वी पर लगी रहती है, कि जो लोग उसकी ओर खरे मन रखते हैं उन पर वह अपने आप को बलवन्त दिखाए; इसमें तुमने मूर्खता की है क्योंकि अब से तुम्हारे विरुद्ध युद्ध होंगे।

10 परन्तु आसा ने दशीं पर क्रोध किया, और उसे लकड़ी के घर में फेंक दिया; क्योंकि इस से उस पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा; और उसी समय आसा ने भी कुछ लोगोंपर अन्धेर किया।

11 और देखो, आसा की आदि और अन्त की सफलताएं यहूदा और इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखी हैं।

12 और अपने राज्य के उनतीसवें वर्ष में आसा बीमार पड़ गया; उसकी बड़ी दुर्बलता थी, तौभी उस ने उस दुर्बलता में यहोवा की नहीं, परन्तु वैद्यों की खोज की।

13 और आसा अपने पुरखाओं के संग सो गया; और वह अपने राज्य के इकतालीसवें वर्ष में मर गया।

14 और उन्होंने उसे उसकी कब्र में जो उस ने दाऊदपुर में अपने लिथे खोदवाई या, मिट्टी दी, और उस खाट पर लिटा दिया, जो सुगन्धद्रव्य और सुगन्धद्रव्य से भरा हुआ या सुगन्धद्रव्य से भरा हुआ था; और उसे बड़ी आग में जला दिया।

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