द्वितीय इतिहास 11
जो लोग परमेश्वर से डरते हैं वे यरूशलेम आते हैं
13 और सारे इस्राएल के याजक और लेवीय भी उसके सारे देश से उसके पास इकट्ठे हुए।
14 क्योंकि लेवीय अपके चरागाहोंऔर निज भूमि को छोड़कर यहूदा और यरूशलेम को आए, क्योंकि यारोबाम और उसके पुत्रोंने उनको निकाल दिया, कि वे यहोवा की सेवा न करें।
15 और उस ने ऊंचे स्थानों, और दुष्टात्माओं, और अपने बनाए हुए बछड़ोंके लिथे याजक नियुक्त किए।
16 इनके बाद इस्राएल के सब गोत्रों में से जो लोग इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की खोज में अपना मन लगा देते थे, वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा के लिये बलिदान चढ़ाने को यरूशलेम को आए।
17 इस प्रकार उन्होंने यहूदा के राज्य को दृढ़ किया, और सुलैमान के पुत्र रहूबियाम को तीन वर्ष तक दृढ़ किया; क्योंकि वे तीन वर्ष तक दाऊद और सुलैमान की सी चाल चलते रहे।
18 और रहूबियाम ने दाऊद के पुत्र यरीमोत की बेटी महलत को अपनी पत्नी कर लिया; और अबीएल को, जो एलीआब की बेटी और यिशै का पोता था;
19 और उस से यूश, और शोमरोन, और जाआम नाम पुत्र उत्पन्न हुए।
20 और उसके बाद उस ने अबशालोम की बेटी माका को ब्याह लिया; उस ने उसे अबिय्याह, और अताई, और जीजा, और शलोमीत दिया।
21 और रहूबियाम ने अबशालोम की बेटी माका को अपक्की सब स्त्रियोंऔर रखेलियोंसे अधिक प्रेम रखा, क्योंकि उस ने अठारह स्त्रियां और साठ रखेलियां ब्याह लीं थीं; और उससे अट्ठाईस बेटे और साठ बेटियाँ उत्पन्न हुईं।
22 और रहूबियाम ने माका के पुत्र अबिय्याह को अपने भाइयोंके बीच प्रधान होने को ठहराया; क्योंकि मैं उसे राजा बनाना चाहता था।
23 और उस ने विवेक से काम लिया, और अपने सब बेटोंमें से कितनोंको यहूदा और बिन्यामीन के सारे देश में और सब दृढ़ नगरोंमें तितर-बितर कर दिया; और उस ने उन्हें बहुतायत में रहने को दिया; और उनके लिये बहुत सी स्त्रियां ढूंढ़ लाया।
Nenhum comentário:
Postar um comentário