मैं इतिहास 28
दाऊद सुलैमान को मन्दिर का चित्र देता है
11 और दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान को ओसारे का भाग, और उसके घर, और भण्डार, और ऊपरी कोठरियां, और भीतरी कोठरियां, और प्रायश्चित्त के ढकने का भवन भी दे दिया।
12 और उस सब का जोखिम भी जो उसके मन में था, अर्थात यहोवा के भवन के आंगनों से लेकर चारों ओर की सब कोठरियों से लेकर परमेश्वर के भवन के भण्डारों और पवित्र वस्तुओं के भण्डारों तक ।
13 और याजकों और लेवियोंके कुलोंका, और यहोवा के भवन की सेवकाई के सब काम का, और यहोवा के भवन की सेवकाई के सब पात्रोंका भी।
14 और उस ने सब प्रकार के सेवकोंके लिथे सोने के तौल के अनुसार सोना दिया, अर्यात् चान्दी के सब पात्रोंके लिथे उस ने तौलकर चान्दी दी;
15 और सोने की दीवटोंऔर उनके दीयोंका वजन, एक एक दीवट और उसके दीए के वजन के अनुसार, और चान्दी की दीवटोंका भी तौल, एक एक दीवट और उसके दीए के वजन के अनुसार, और एक एक दीवट के काम के अनुसार।
16 और उस ने दिखानेवाली मेज़ोंके लिथे एक एक मेज़ के लिथे सोना तोलकर दिया, और चान्दी की मेज़ोंके लिथे चान्दी भी तौलकर दी।
17 और कांटों, और कटोरियों, और कटोरों, और सोने के प्यालोंके लिथे चोखा सोना, एक एक प्याले के वजन के अनुसार शुद्ध सोना; चांदी के कपों के लिए भी प्रत्येक कप का अपना वजन होता है।
18 और धूप की वेदी के लिये तौल से शुद्ध किया हुआ सोना, और रथ के नमूने के लिये भी सोना, अर्थात् करूबों के लिये, जो अपने पंख फैलाकर यहोवा की वाचा के सन्दूक को ढांकते थे।
19 दाऊद ने कहा, यह सब काम उन्होंने यहोवा की आज्ञा से मुझे लिखकर इस जोखिम के सब काम के विषय में समझा दिए हैं।
20 और दाऊद ने अपके पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध, और हियाव बान्ध और काम करता रह; मत डरो, और न तुम्हारा मन कच्चा हो; क्योंकि मेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा; जब तक तुम यहोवा के भवन की सेवा का सारा काम पूरा न कर लो तब तक वह तुम्हें न छोड़ेगा और न त्यागेगा।
21 और देख, परमेश्वर के भवन की सारी सेवकाई के लिये तुम्हारे पास याजकों और लेवियों के दल हैं; वे भी सब काम के लिये तुम्हारे संग हैं, और सब प्रकार की सेवकाई के लिये हर प्रकार की बुद्धि के साथ स्वयंसेवक हैं; और सब हाकिम और सारी प्रजा भी तेरी सब आज्ञाओं के अनुसार चले।
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