domingo, 2 de março de 2025

मैं इतिहास 26 द्वारपालों के कार्य

 मैं इतिहास 26

द्वारपालों के कार्य


1 और द्वारपालोंके दलोंमें से कोरह का पुत्र मशेलेम्याह, जो आसाप के वंश का या, कोरहियोंमें से या।

2 और मशेलेम्याह के पुत्र ये हुए: जकर्याह बड़ा, यदीएल दूसरा, जबद्याह तीसरा, यत्नीएल चौथा।

3 पाँचवाँ एलाम, छठा योहानान, सातवाँ एलीओनै।

4 और ओबेदेदोम के पुत्र ये थे: पहलौठा शमायाह, दूसरा योसाबाद, तीसरा योआह, चौथा सच्चर, और पांचवां नतनएल।

5 छठवां अमीएल, सातवां इस्साकार, आठवां पुलेतै: क्योंकि परमेश्वर ने उसे आशीष दी थी।

6 और उसके पुत्र शमायाह से भी पुत्र उत्पन्न हुए, और वे अपने पिता के घराने पर प्रभुता करने लगे; क्योंकि वे वीर पुरुष थे।

7 शमायाह के पुत्र: ओत्नी, रपाएल, ओबेद, और एल्जाबाद, और उनके भाई एलीहू और शमक्याह शूरवीर थे।

8 ये सब ओबेदेदोम के वंश में से थे; वे, और उनके बेटे, और उनके भाई, सेवकाई के लिये बड़े बलशाली पुरूष थे; अर्थात ओबेदेदोम के सत्तर सत्तर पुरूष।

9 और मशेलेम्याह के बेटे और भाई, जो शूरवीर थे, अठारह थे।

10 और मरारी के वंश में से होसा के पुत्र ये हुए, अर्थात् शिम्री जो पहिलौठा न या, तौभी उसके पिता ने उसे प्रधान ठहराया।

11 दूसरा हिल्किय्याह, तीसरा थबल्याह, चौथा जकर्याह; होसा के सब बेटे और भाई तेरह थे।

12 इन में से यहोवा के भवन में सेवा टहल करने के लिथे द्वारपालोंके दल, अर्यात्‌ पहरूओंके प्रधान पुरूष अपके अपके भाइयोंसमेत बने।

13 और उन्होंने क्या छोटे, क्या बड़े, अपके पितरोंके घरानोंके अनुसार एक एक द्वार के लिथे चिट्ठी डाली।

14 और पूर्व की चिट्ठी शेलेम्याह के नाम पर निकली; और उसके पुत्र जकर्याह जो समझदार मन्त्री था, उसके द्वारा चिट्ठी डाली गई, और उत्तर की ओर की चिट्ठी उसके नाम पर निकली।

15 और ओबेदेदोम को दक्खिन का भाग, और उसके पुत्रोंको राजकोष का भवन मिला।

16 सुपीम और होसा की ओर पच्छिम की ओर, और ऊपर के मार्ग के पास सलेक्वेट फाटक हो; एक पहरा दूसरे पहरूए के साम्हने हो।

17 पूर्व में छ: लेवीय थे; उत्तर की ओर एक दिन में चार, दक्षिण की ओर एक दिन में चार, परन्तु खज़ानों में प्रति दिन दो।

18 परबर में पश्चिम की ओर चार सड़क के किनारे, दो परबार के पास।

19 कोरहियोंऔर मरारियोंमें से द्वारपालोंके वर्ग ये ही हैं।

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