segunda-feira, 10 de março de 2025

द्वितीय इतिहास 01 सुलैमान बलिदान चढ़ाता है

 द्वितीय इतिहास 01

सुलैमान बलिदान चढ़ाता है

1 और दाऊद का पुत्र सुलैमान उसके राज्य में यत्न करता रहा; और उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग था, और उस ने उसे बहुत बढ़ाया।

2 और सुलैमान ने सारे इस्राएल से, अर्यात् सहस्रपतियों, शतपतियों, न्यायियों, और सारे इस्राएल के सब हाकिमों से, अर्यात्‌ पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरुषोंसे बातें कीं।

3 और सुलैमान और सारी मण्डली उसके साय गिबोन के ऊंचे स्यान पर गई; क्योंकि वहां परमेश्वर की मण्डली का तम्बू था, जिसे यहोवा के दास मूसा ने जंगल में बनाया था।

4 परन्तु दाऊद परमेश्वर का सन्दूक किर्यत्यारीम से उस स्यान पर ले आया, जो दाऊद ने अपके लिथे तैयार किया या; क्योंकि उस ने उसके लिये यरूशलेम में एक तम्बू खड़ा कराया था।

5 और पीतल की जो वेदी हूर के पोता और ऊरी के पुत्र बसलेल ने बनाई थी, वह यहोवा के तम्बू के साम्हने थी; और सुलैमान और मण्डली के लोग उसका दर्शन किया करते थे।

6 और वहां सुलैमान ने उस पीतल की वेदी पर, जो मिलापवाले तम्बू में थी, यहोवा के साम्हने बलिदान चढ़ाए, और उस पर एक हजार होमबलि चढ़ाए।

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