quinta-feira, 26 de dezembro de 2024

मैं राजा 22 सीरियाई लोगों के विरुद्ध युद्ध, और अहाब की मृत्यु

 मैं राजा 22

सीरियाई लोगों के विरुद्ध युद्ध, और अहाब की मृत्यु


29 इसलिये इस्राएल का राजा और यहूदा का राजा यहोशापात गिलाद के रामोत पर चढ़ गए।

30 और इस्राएल के राजा ने यहोशापात से कहा, मैं भेष बदलकर युद्ध में उतरूंगा; लेकिन तुम अपने कपड़े पहन लो. इसलिये इस्राएल का राजा भेष बदलकर युद्ध में उतरा।

31 और अराम के राजा ने रथोंके प्रधानोंको जो बत्तीस थे, यह आज्ञा दी, कि न तो छोटे से लड़ो, और न बड़े से, परन्तु केवल इस्राएल के राजा से लड़ो।

32 और ऐसा हुआ, कि जब रथोंके प्रधानोंने यहोशापात को देखा, तब कहा, सचमुच यही इस्राएल का राजा है। और वे उस से लड़ने को उसके पास आए, परन्तु यहोशापात चिल्ला उठा।

33 और जब रथोंके प्रधानोंने देखा, कि वह इस्राएल का राजा नहीं है, तब उन्होंने उसका पीछा करना छोड़ दिया।

34 तब एक मनुष्य ने अपके साम्हने से अपना धनुष चढ़ाकर इस्राएल के राजा के झिलमोंऔर झिलमोंके बीच में मारा; तब उस ने अपके वाहक से कहा, अपना हाथ बढ़ाकर मुझे सेना में से निकाल ले, क्योंकि मैं बहुत घायल हो गया हूं।

35 और उस दिन लड़ाई बढ़ती गई, और राजा रय में अरामियोंके साम्हने खड़ा रहा; परन्तु सांझ को वह मर गया; और घाव से खून कार के निचले हिस्से में बह गया।

36 और सूर्य अस्त होने के बाद सेना में यह प्रचार फैल गया, कि अपके अपके नगर को, और अपके अपके देश को लौट जाओ!

37 और राजा मर गया, और वे उसे सामरिया में ले गए; और उन्होंने राजा को सामरिया में मिट्टी दी।

38 और जब रय शोमरोन के कुण्ड में धोया जाता या, तो यहोवा के कहे हुए वचन के अनुसार कुत्ते उसका लोहू चाटते थे (अब वेश्याएं वहां धोती थीं)।

39 अहाब के और सब काम जो उसने किए, और हाथीदांत का भवन जो उस ने बनाया, और जितने नगर उसने बसाए, यह सब क्या इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?

40 इस प्रकार अहाब अपने पुरखाओं के संग सो गया; और उसका पुत्र अहज्याह उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

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