sexta-feira, 6 de dezembro de 2024

मैं राजा 15 आसा यहूदा पर एक अच्छा राजा है

 मैं राजा 15

आसा यहूदा पर एक अच्छा राजा है


9 और इस्राएल के राजा यारोबाम के बीसवें वर्ष में आसा यहूदा पर राज्य करने लगा,


10 और वह यरूशलेम में इकतालीस वर्ष तक राज्य करता रहा: और उसकी माता का नाम माका था, जो अबीशालोम की बेटी थी।


11 और आसा ने अपने पिता दाऊद की नाई वही किया जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।


12 क्योंकि उस ने देश में से बदनाम जवानोंको, और उनके पुरखाओंकी बनाई हुई सब मूरतोंको भी छीन लिया।


13 और उस ने अपनी माता माका को भी अलग कर दिया, कि वह रानी न बने, क्योंकि उस ने अशेरा के लिये एक भयानक मूरत बनाई थी: और आसा ने भी उसकी भयानक मूरत को ढाकर किद्रोन नाले के पास जला दिया।


14 परन्तु ऊंचे स्थान न हटाए गए, तौभी आसा का मन जीवन भर यहोवा की ओर लगा रहा।


15 और वह अपके पिता की पवित्र की हुई वस्तुएं, और जो वस्तुएं उस ने आप ही पवित्र की या, अर्यात् चान्दी, सोना, और पात्र यहोवा के भवन में ले आया।


16 और उसके जीवन भर आसा और इस्राएल के राजा बाशा के बीच युद्ध होता रहा।


17 क्योंकि इस्राएल के राजा बाशा ने यहूदा पर चढ़ाई करके रामा को इसलिये दृढ़ किया, कि यहूदा के राजा आसा के संग कोई न बाहर जाने पाए, और न भीतर आने पाए।


18 तब आसा ने यहोवा के भवन के भण्डारों और राजभवन के भण्डारों में जो सोना चान्दी रह गया था, सब लेकर अपके सेवकोंके हाथ में दे दिया; और राजा आसा ने उन्हें बेनदाद के पुत्र के पास भेज दिया। दमिश्क में रहनेवाले सीरिया के राजा हेज़ियोन के पुत्र ताब्रिमोन ने कहा,


19 मेरे और तेरे बीच, मेरे पिता और तेरे पिता के बीच एक वाचा है: देख, मैं तुझे सोने चान्दी की भेंट भेजता हूं; जाकर इस्राएल के राजा बाशा के साथ अपनी वाचा तोड़ डालो, कि वह मुझ से दूर हो जाए।


20 और बेनदाद ने राजा आसा की बात मानी, और अपके सेनापतियोंको इस्राएल के नगरोंके विरूद्ध भेज दिया; और उस ने इयोम, और दान, और हाबिल, और बेतमाका और सारे किनेरोत को, वरन उनके सारे देश को भी जीत लिया। नप्ताली.


21 और ऐसा हुआ कि बाशा ने यह सुना, और रामा को बनाना छोड़ दिया, और तिर्सा में ही रह गया।


22 तब राजा आसा ने सारे यहूदा में यह मुनादी कराई, कि बिना किसी अपवाद के सब लोग रामा से वे पत्थर और लकड़ी ले आएं, जिन से बाशा ने भवन बनाया था: और उन से राजा आसा ने बिन्यामीन और मिस्पा के गेबा को दृढ़ किया।


23 और आसा की सारी सफलताओं का, और उसकी सारी शक्ति का, और जो कुछ उसने किया, और जो नगर उसने बसाए, उनका वर्णन क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है? हालाँकि, बुढ़ापे में उनके पैरों में तकलीफ़ हो गई।


24 और आसा अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसे उसके पिता दाऊद के नगर में उसके पुरखाओं के बीच मिट्टी दी गई; और उसका पुत्र यहोशापात उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

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