sexta-feira, 13 de dezembro de 2024

मैं किंग्स 20 अहाब और सीरिया के राजा के बीच युद्ध

 मैं किंग्स 20

अहाब और सीरिया के राजा के बीच युद्ध


1 और अराम के राजा बेनदाद ने अपनी सारी सेना इकट्ठी की, और बत्तीस राजा, और घोड़े, और रथ उसके साय थे; और उस ने चढ़ाई करके शोमरोन को घेर लिया, और उस से लड़ने लगा।


2 और उस ने नगर में इस्राएल के राजा अहाब के पास दूत भेजे,


3 और उस ने उस से कहा, बेनादाद योंकहता है, कि तेरी चान्दी और सोना मेरा है; और तुम्हारी पत्नियाँ और तुम्हारे सन्तान में से जो सर्वोत्तम हो वह मेरा है।


4 और इस्राएल के राजा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु राजा, तेरे वचन के अनुसार मैं और जो कुछ मेरा है वह सब तेरा हूं।


5 और दूतोंने फिर आकर कहा, बेनदाद योंकहता है, कि यद्यपि मैं ने तुझ से कहा या, कि तू अपक्की चान्दी, सोना, स्त्रियां, और लड़केबालोंको मुझे दे देगा;


6 परन्तु कल इसी समय मैं अपने दासोंको तेरे पास भेजूंगा, और वे तेरे घर और तेरे दासोंके घरोंमें ढूंढ़ेंगे; और जो कुछ तेरी दृष्टि में अच्छा लगे, वह सब उनके हाथ में दे दिया जाएगा, और वे उनको सौंप देंगे। इसे ले जाओ.


7 तब इस्राएल के राजा ने देश के सब पुरनियोंको बुलाकर कहा, सोचो, और देखो, यह मनुष्य किस प्रकार हानि चाहता है; क्योंकि उस ने मुझे मेरी पत्नियों, और मेरे बच्चों, और मेरे चान्दी, और सोने, के लिथे भेजा, और मैं ने उसे न रोका।


8 और सब पुरनियोंऔर सब लोगोंने उस से कहा, उस की न सुनो, और न एकमत हो।


9 और उस ने बेनदाद के दूतोंसे कहा, मेरे प्रभु राजा से कह, कि जो कुछ तू ने पहिले अपने दास से मांगने को भेजा या, वह सब मैं करूंगा; लेकिन यह मैं नहीं कर सकता. और दूत जाकर यह उत्तर देकर उसके पास लौट आए।


10 और बेनदाद ने उसके पास कहला भेजा, कि देवता मेरे साथ वैसा ही करें, इत्यादि, कि सामरिया की धूल मेरे पीछे आने वाले सब लोगों के हाथ भरने को न बचे।


11 परन्तु इस्राएल के राजा ने उत्तर दिया, उस से कह, जो कमर बान्धता है वह अपने कमर बान्धनेवाले की नाईं घमण्ड न करे।


12 और ऐसा हुआ, कि जब वह राजाओंसमेत तम्बुओंमें जल पी रहा या, तब उस ने यह वचन सुनकर अपके दासोंसे कहा, नगर के विरूद्ध पांति बान्धो।


13 और देखो, एक भविष्यद्वक्ता ने इस्राएल के राजा अहाब के पास आकर उस से कहा, यहोवा यों कहता है, क्या तू ने यह सारी बड़ी भीड़ देखी है? देख, मैं आज उसे तेरे हाथ में कर दूंगा, जिस से तू जान ले कि मैं यहोवा हूं।


14-और अहाब ने कहाः किसके द्वारा? और उस ने कहा, यहोवा यों कहता है, प्रान्तोंके हाकिमोंके जवानोंके द्वारा। और उसने कहा: लड़ाई कौन शुरू करेगा? और उसने कहा: तुम.


15 फिर उस ने प्रान्तोंके हाकिमोंके जवानोंको गिना, और वे दो सौ बत्तीस निकले; और उनके बाद उस ने सब इस्राएलियोंको गिन लिया, और सब सात हजार निकले।


16 और वे दोपहर को निकले; और बेनादाद अपने सहायक बत्तीसों राजाओं समेत तम्बू में शराब पीकर मतवाला हो रहा था।


17 और प्रान्तोंके हाकिमोंके जवान पहिले निकले; और बेनदाद ने कितनोंको भेजा, और उन्होंने उसे चिताया, कि शोमरोन से पुरूष निकल आए हैं।


18 और उस ने कहा, यदि वे मेल करने को जाएं, तो भी उन्हें जीवित पकड़ लेना; और यदि वे युद्ध करने को जाएं, तो भी उन्हें जीवित पकड़ लेना;


19 तब प्रान्तोंके हाकिमोंके जवान और उनके पीछे चलनेवाली सेना नगर से निकल गई।


20 और उन्होंने एक एक पुरूष को मार डाला, और अरामी भाग गए, और इस्राएल ने उनका पीछा किया; परन्तु अराम का राजा बेनदाद कुछ सवारोंसमेत घोड़े पर चढ़कर भाग निकला।


21 और इस्राएल के राजा ने निकलकर घोड़ोंऔर रथोंको मार डाला, और अरामियोंको बड़ी हानि पहुंचाई।


22 तब भविष्यद्वक्ता ने इस्राएल के राजा के पास आकर उस से कहा, जा, हियाव बान्ध, और ध्यान दे, और देख, कि तू क्या करेगा; क्योंकि एक वर्ष के भीतर अराम का राजा तुम पर चढ़ाई करेगा।


23 और अराम के राजा के कर्मचारियोंने उस से कहा, उनके देवता तो पहाड़ोंके देवता हैं, इस कारण वे हम से अधिक बलवन्त हैं; परन्तु आओ हम समतल भूमि पर उन से लड़ें, और निश्चय देख लेंगे कि हम अधिक बलवन्त हैं या नहीं। उनसे!


24 इसलिये ऐसा करो, राजाओं को अपने अपने स्यान से हटा दो; और कप्तानों को उनके स्थान पर रखता है।


25 और जो सेना तेरे वश में हो उसको गिन ले, और उन घोड़ोंके समान घोड़ोंको, और उन रथोंके समान रथोंको गिन ले, और हम मैदान में उन से लड़ें, और देखें कि हम उन से अधिक बलवन्त तो नहीं हैं! और उस ने उसकी बात सुनी, और वैसा ही किया।


26 और एक वर्ष के बाद ऐसा हुआ कि बेनादाद ने अरामियों की समीक्षा की, और इस्राएल से लड़ने को अपेक को गया।


27) इस्राएल के पुत्रों की भी समीक्षा की गई, और उन्हें भोजन प्रदान किया गया और उन्होंने उनके विरुद्ध मार्च किया; और इस्राएली बकरियों के दो छोटे झुण्डोंके समान उनके साम्हने खड़े हुए, परन्तु अरामियोंने देश भर लिया।


28 तब परमेश्वर के भक्त ने आकर इस्राएल के राजा से कहा, यहोवा योंकहता है, कि अरामियोंने कहा, यहोवा पहाड़ोंका परमेश्वर है, और घाटियोंका नहीं, इसलिये मैं सब को छुड़ाऊंगा। यह बड़ी भीड़ तुम्हारे हाथ में है, कि तुम जान लो कि मैं यहोवा हूं।


29 और वे पुरूष एक दूसरे के साम्हने सात दिन तक डेरे डाले रहे; और सातवें दिन ऐसा हुआ कि लड़ाई आरम्भ हुई, और इस्राएलियोंने एक ही दिन में एक लाख अरामियोंको मार डाला।


30 और जो बचे हुए थे वे अपेक नगर को भाग गए; और शहरपनाह सत्ताईस हजार पुरूषों पर गिर पड़ी, जो बचे रहे; परन्तु बेनदाद भागकर नगर में आया, और एक कोठरी से दूसरी कोठरी में घूमता रहा।

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