मैं राजा 14
रहूबियाम की अपवित्रता
21 और सुलैमान का पुत्र रहूबियाम यहूदा में राज्य करता रहा; जब रहूबियाम राज्य करने लगा तब वह इकतालीस वर्ष का या, और सत्रह वर्ष तक यरूशलेम में, उस नगर में राज्य करता रहा जिसे यहोवा ने इस्राएल के सब गोत्रों में से बसाने को चुन लिया था। वहाँ उसका नाम है: और यह उसकी माता नामा का नाम था, जो अम्मोनी थी।
22 और यहूदा ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था; और उन्होंने अपने पापों से उसे उसके सब पुरखाओं से भी अधिक भड़काया।
23 क्योंकि उन्होंने सब ऊंचे टीलोंपर, और सब हरे वृझोंके तले ऊंचे स्यान, और मूरतें, और जंगल की मूरतें बनाईं।
24 और उस देश में निन्दनीय जवान भी थे, और उन जातियोंके सब घृणित काम करते थे जिन्हें यहोवा ने इस्राएलियोंके साम्हने से निकाल दिया या।
25 राजा रहूबियाम के पांचवें वर्ष में मिस्र का राजा शीशक यरूशलेम पर चढ़ाई करने लगा।
26 और उस ने यहोवा के भवन का, और राजभवन का भी धन ले लिया; और फिर भी सब कुछ ले लिया; उसने वे सब सोने की ढालें भी ले लीं जो सुलैमान ने बनाई थीं।
27 और उनके स्यान पर राजा रहूबियाम ने पीतल की ढालें बनवाई, और उन्हें जल्लादोंके प्रधानोंके हाथ में दे दिया, जो राजभवन के फाटक की रखवाली करते थे।
28 और ऐसा हुआ, कि जब राजा यहोवा के भवन में दाखिल हुआ, तब पहरूओं ने उन्हें पकड़ लिया, और पहरुओं के साम्हने फिर ले आए।
29 रहूबियाम के और सब काम और उसके सब काम क्या यहूदा के राजाओंके इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
30 और रहूबियाम और यारोबाम के बीच उसके जीवन भर युद्ध होता रहा।
31 और रहूबियाम अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसे दाऊदपुर में उसके पुरखाओं के बीच मिट्टी दी गई: और उसकी माता का नाम नामा था, वह अम्मोनी थी: और उसका पुत्र अबीआम उसके स्थान पर राजा हुआ।
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