quarta-feira, 25 de dezembro de 2024

मैं किंग्स 21 नाबोत ने अहाब को अपना अंगूर का बाग बेचने से इंकार कर दिया

 मैं किंग्स 21

नाबोत ने अहाब को अपना अंगूर का बाग बेचने से इंकार कर दिया


1 और इन बातों के बाद ऐसा हुआ, कि यिज्रैली नाबोत का एक दाख का बारी था, जो यिज्रेल में सामरिया के राजा अहाब के महल के पास था,


2 और अहाब ने नाबोत से कहा, अपक्की दाख की बारी मुझे दे दे, कि वह मेरी बारी के काम आए; क्योंकि वह मेरे घर के निकट है; और मैं तुझे उसके लिये उस से भी उत्तम एक और दाख की बारी दूँगा; अथवा, यदि वह तुम्हारी दृष्टि में अच्छा लगे, तो मैं तुम्हें उसका मूल्य पैसों में दूँगा।


3 परन्तु नाबोत ने अहाब से कहा, यहोवा मुझे मेरे पुरखाओं का निज भाग तुझे देने से रोके।


4 तब अहाब अप्रसन्न और क्रोधित होकर अपने घर आया, क्योंकि यिज्रैली नाबोत ने उस से कहा था, कि मैं अपने पुरखाओं का निज भाग तुझे न दूंगा। और वह अपने बिछौने पर लेट गया, और मुंह फेर लिया, और रोटी न खाई।


5 परन्तु उसकी पत्नी ईजेबेल ने उसके पास आकर उस से कहा, क्या बात है कि तेरा मन इतना अप्रसन्न हुआ है, और तू रोटी नहीं खाता?


6 और उस ने उस से कहा, मैं ने यिज्रैली नाबोत से बातें करके उस से कहा, अपक्की दाख की बारी रूपया लेकर मुझे दे, या यदि तू चाहे, तो मैं उसके बदले में दूसरी दाख की बारी तुझे दे दूंगा। परन्तु उस ने कहा, मैं अपनी दाख की बारी तुझे न दूंगा।


7 तब उसकी पत्नी ईज़ेबेल ने उस से कहा, क्या तू अब इस्राएल के राज्य में प्रभुता करता है? उठ, रोटी खा, और तेरा मन आनन्दित हो; मैं तुझे यिज्रेली नाबोत की दाख की बारी दूंगा।

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