मैं किंग्स 21
परमेश्वर एलिय्याह से अहाब को धमकाने के लिए कहता है
17 तब यहोवा का यह वचन तिशबी एलिय्याह के पास पहुंचा,
18 उठ, इस्राएल के राजा अहाब से जो शोमरोन में है, भेंट करने को जा; वह तो नाबोत की दाख की बारी में है, और उसका अधिकारी होने को गया है।
19 और उस से कहना, यहोवा यों कहता है, क्या तू ने हत्या करके निज भाग नहीं ले लिया? और उस से यह कहना, यहोवा यों कहता है, जिस स्यान पर कुत्तों ने नाबोत का लोहू चाटा, उसी स्थान पर कुत्ते तुम्हारा भी लोहू चाटेंगे।
20 और अहाब ने एलिय्याह से कहा, क्या तू ने मुझे मेरा शत्रु जान लिया है? और उस ने कहा, मैं ने तुझे इसलिये पा लिया, कि तू ने वह काम करने के लिथे जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपने आप को बेच डाला है।
21 देख, मैं तुझ पर विपत्ति डालूंगा, और तेरे वंश को, अर्यात् अहाब में से सब पुरूषोंको, और बन्दोंऔर इस्राएल के सब मनुष्योंको नाश करूंगा;
22 और मैं तेरे घराने को नबात के पुत्र यारोबाम, और अहिय्याह के पुत्र बाशा के समान कर दूंगा; क्योंकि तू ने मुझे भड़काकर इस्राएल से पाप कराया है।
23 और यहोवा ने ईजेबेल के विषय में यह भी कहा, यिज्रेल के गढ़ में कुत्ते ईजेबेल को खा जाएंगे।
24 अहाब में से जो कोई नगर में मर जाएगा उसे कुत्ते खा लेंगे, और जो कोई मैदान में मर जाएगा उसे आकाश के पक्षी खा लेंगे।
25 परन्तु अहाब के तुल्य कोई न हुआ, जिस ने अपनी पत्नी ईज़ेबेल के भड़काने के कारण वह काम करने को जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपने आप को बेच डाला।
26 और उस ने मूरतोंके पीछे चलकर बड़े घृणित काम किए, जैसा एमोरियोंने किया या, जिनको यहोवा ने इस्राएलियोंके साम्हने उनके निज भाग से निकाल दिया या।
27 और ऐसा हुआ, कि जब अहाब ने ये बातें सुनीं, तब उस ने अपने वस्त्र फाड़े, और अपना शरीर टाट से ढांप लिया, और उपवास किया; और वह टाट ओढ़कर लेटा, और धीरे धीरे चलने लगा।
28 तब यहोवा का यह वचन तिशबी एलिय्याह के पास पहुंचा,
29 क्या तुम ने नहीं देखा, कि अहाब मेरे साम्हने दीन होता है? क्योंकि वह मेरे साम्हने दीन होता है, इस कारण मैं उसके दिनोंमें यह विपत्ति न डालूंगा, परन्तु उसके पुत्र के दिनोंमें उसके घरानेपर यह विपत्ति डालूंगा।
Nenhum comentário:
Postar um comentário