मैं किंग्स 21
ईज़ेबेल ने नाबोत की मृत्यु का आदेश दिया
8 तब उस ने अहाब के नाम से चिट्ठियां लिखीं, और उन पर अपनी मुहर लगा दी; और उसने उन पुरनियों और रईसों को पत्र भेजे जो उसके नगर में थे और नेरोत के साथ रहते थे।
9 और उस ने चिट्ठियोंमें योंलिखा, कि उपवास का प्रचार करो, और नाबोत को प्रजा पर अधिक्कारने दो।
10 और उसके साम्हने दो पुरूषोंको जो अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके अपके साम्हने खड़ा करके यह कहने लगे, कि तू ने परमेश्वर और राजा की निन्दा की है, और उसे बाहर ले जाकर पत्यरवाह करके मार डालो।
11 और उनके नगर के पुरूषोंअर्थात् पुरनियोंऔर रईसोंने जो ईज़ेबेल ने उनको आज्ञा दी या, जैसा उन पत्रोंमें जो उसने उनके लिथे भेजे थे, वैसा ही किया।
12 और उन्होंने उपवास का प्रचार किया, और नाबोत को प्रजा पर प्रधान रखा।
13 तब बेलियाल के पुत्र दो पुरूष आकर उसके साम्हने खड़े हुए; और बेलियाल के पुरूषोंने लोगोंके साम्हने नाबोत के विरूद्ध यह गवाही दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा की निन्दा की है। और उन्होंने उसे नगर से बाहर ले जाकर उस पर पथराव किया, और वह मर गया।
14 तब उन्होंने ईज़ेबेल के पास यह कहला भेजा, कि नाबोत को पत्यरवाह किया गया, और वह मर गया।
15 और जब ईज़ेबेल ने सुना, कि नाबोत को पत्थरवाह किया गया, और वह मर गया, तब ईज़ेबेल ने अहाब से कहा, उठ, और यिज्रेली नाबोत की दाख की बारी का अधिकारी हो जा, जिसे उस ने रूपया लेकर तुझे देने से इन्कार किया था; क्योंकि नाबोत जीवित नहीं, परन्तु मर गया है।
16 और ऐसा हुआ, कि जब अहाब ने सुना, कि नाबोत मर गया, तब अहाब यरूशलेमवासी नाबोत की दाख की बारी में जाकर उसे अधिकार करने को हुआ।
Nenhum comentário:
Postar um comentário