sexta-feira, 27 de dezembro de 2024

द्वितीय राजा 01 मोआब ने इस्राएल के विरुद्ध विद्रोह किया

 द्वितीय राजा 01

मोआब ने इस्राएल के विरुद्ध विद्रोह किया


1 और अहाब की मृत्यु के बाद मोआब ने इस्राएल से बलवा किया।

2 और अहज्याह शोमरोन में अपनी एक ऊंची कोठरी के बेंड़ों में गिरकर बीमार पड़ गया; और उस ने दूत भेजकर उन से कहा, जाकर एक्रोन के बालजबूब नाम देवता से पूछो, कि मैं इस रोग से भला होऊंगा या नहीं।

3 परन्तु यहोवा के दूत ने तिशबी एलिय्याह से कहा, उठ, सामरिया के राजा के दूतोंसे मिलने को चढ़, और उन से कह, क्या इस्राएल में कोई परमेश्वर नहीं, जो तुम जाकर बाजबूब से पूछो, एक्रोन का देवता?

4 और इस कारण यहोवा यों कहता है, जिस बिछौने पर तू चढ़ा है उस से कभी न उतरना, वरन निश्चय मरना। तब एलिय्याह चला गया.

5 और दूत उसके पास लौट आए, और उस ने उस से पूछा, क्या हुआ, जो तुम लौट आए हो?

6 और उन्होंने उस से कहा, एक पुरूष हम से भेंट करने को निकला, और हम से कहा, जिस राजा ने तुम को भेजा है उसके पास लौट आओ, और उस से कहो, यहोवा यों कहता है, क्या इस्राएल में कोई परमेश्वर नहीं जो तुम कर सको एक्रोन के देवता ज़ेबू से पूछने को भेजो? इस कारण जिस बिछौने पर तू चढ़ गया है, उस से तू नीचे न उतरेगा, परन्तु निश्चय मर जाएगा।

7 और उस ने उन से पूछा, जो पुरूष तुम से मिला, और तुम से ये बातें कहीं, उसका वस्त्र कैसा था?

8 और उन्होंने उस से कहा, वह तो बाल बान्धे हुए और कमर में चमड़े का पटुका बान्धे हुए पुरूष था। तब उस ने कहा, वह तिशबी एलिय्याह है।

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