sexta-feira, 27 de dezembro de 2024

द्वितीय राजा 01 स्वर्ग की आग से सौ मनुष्य भस्म हो गए

 द्वितीय राजा 01

स्वर्ग की आग से सौ मनुष्य भस्म हो गए


9 तब उस ने पचास सिपाहियोंके एक प्रधान को उसके पास भेजा; और उसके पास जाकर (क्योंकि वह पहाड़ की चोटी पर बैठा था) उस ने उन से कहा, हे परमेश्वर के भक्त, राजा कहता है, नीचे आ।

10 एलिय्याह ने पचासोंके प्रधान को उत्तर दिया, यदि मैं परमेश्वर का भक्त हो, तो स्वर्ग से आग गिरकर तुझे तेरे पचासोंसमेत भस्म कर दे। तब आग स्वर्ग से उतरी, और उसे उसके पचासोंसमेत भस्म कर दिया।

11 और उस ने फिर पचास सिपाहियोंके एक और प्रधान को उसके पास भेजा, और उस ने अपके पचासोंसमेत उस से कहा, हे परमेश्वर के भक्त, राजा योंकहता है, शीघ्र उतर आ।

12 एलिय्याह ने उस को उत्तर दिया, यदि मैं परमेश्वर का भक्त हूं, तो स्वर्ग से आग गिरकर तुझे तेरे पचासोंसमेत भस्म कर दे। तब परमेश्वर की ओर से आग स्वर्ग से उतरी, और उसे उसके पचासोंसमेत भस्म कर दिया।

13 और उस ने तीसरे पचास के एक और प्रधान को उसके पचासोंसमेत फिर भेजा; और उन पचासों का प्रधान जाकर एलिय्याह के साम्हने झुककर उस से बिनती करके कहने लगा, हे परमेश्वर के भक्त, ऐसा हो। , मैं तुझ से प्रार्थना करता हूं, कि मेरा और तेरे इन पचास सेवकों का प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल है।

14 देखो, आग स्वर्ग से गिरी, और उन दोनों पहिले पचास सरदारों को उनके पचास पचास सिपाहियों समेत भस्म कर डाला; परन्तु अब मेरा प्राण तेरी दृष्टि में अनमोल ठहरे।

15 तब यहोवा के दूत ने एलिय्याह से कहा, इस मनुष्य के संग नीचे जा, मत डर। और वह उठकर उसके साथ राजा के पास गया।

16 और उस ने उस से कहा, यहोवा यों कहता है, तू ने एक्रोन के देवता बालजबूब से पूछने को दूत क्यों भेजे? क्या ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि इसराइल में कोई ईश्वर नहीं है, जिससे उसकी बात सुनी जा सके? इस कारण जिस बिछौने पर तू चढ़ा है, उस से तू नीचे तो न उतरेगा, परन्तु अवश्य मर जाएगा।

17 और यहोवा के उस वचन के अनुसार जो एलिय्याह ने कहा या, वह मर गया; और यहूदा के राजा यहोशापात के पुत्र यहोराम के दूसरे वर्ष में यहोराम उसके स्थान पर राज्य करने लगा; क्योंकि उसके कोई पुत्र न था।

18 अहज्याह के और काम जो इस्राएल के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?

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