domingo, 11 de maio de 2025

अय्यूब 13

 अय्यूब 13


1 देख, यह सब कुछ मेरी आंखों ने देखा है, और मेरे कानों ने सुना और समझा है।

2 जैसा तुम जानते हो, वैसा मैं भी जानता हूँ: मैं तुमसे कम नहीं हूँ।

3 परन्तु मैं सर्वशक्तिमान से बातें करूंगा; और मैं परमेश्वर के सामने अपना बचाव करना चाहता हूँ।

4 परन्तु तुम तो झूठ गढ़ते हो, और तुम सब के सब निकम्मे वैद्य हो।

5 यदि तुम पूर्णतया चुप रहो तो यही तुम्हारी बुद्धिमत्ता होगी!

6 अब मेरा बचाव सुनो, और मेरे मुंह से तर्क सुनो।

7 क्या तुम ईश्वर के विरुद्ध दुष्टता की बातें कहोगे, और उसके विरुद्ध झूठ बोलोगे?

8 क्या तुम उसका व्यक्तित्व स्वीकार करोगे? क्या आप परमेश्‍वर के लिये संघर्ष करेंगे?

9 क्या यह तुम्हारे लिये अच्छा होगा यदि वह तुम्हारी तलाशी ले? या फिर तुम उसका भी वैसे ही मजाक उड़ाओगे जैसे तुम किसी भी मनुष्य का मजाक उड़ाते हो?

10 यदि तुम छिपकर पक्षपात करो, तो वह तुम्हें अवश्य डांटेगा।

11 क्या उसका ऐश्वर्य तुम्हें चकित नहीं करेगा? और क्या उनका भय तुम पर न पड़ेगा?

12 तेरा स्मरण राख के समान है, तेरे ऊंचे स्थान कीच के समान हैं।

13 मेरे साम्हने चुप रहो, और मैं बोलूंगा; और जो कुछ मुझ पर आए, वह मुझ पर आए।

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