भजन 07
डेविड ईश्वर पर भरोसा करता है और अपनी बेगुनाही का विरोध करता है
1 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं तुझ पर भरोसा रखता हूँ; मेरे सब सतानेवालों से मुझे बचा और छुड़ा;
2 ऐसा न हो कि वह मेरे प्राण को सिंह के समान फाड़ डाले, और उसे टुकड़े टुकड़े कर डाले, और कोई छुड़ानेवाला न रहे;
3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, यदि मैं ने यह काम किया हो, और मेरे हाथों में दुष्टता हो,
4 यदि मैं ने अपने मेल रखनेवाले से बुराई का बदला लिया हो, वा जो मुझ पर अकारण अत्याचार करता था, उसको छुड़ाया हो,
5 शत्रु मेरे प्राण का पीछा करके उसे पकड़ ले; मेरे जीवन को धरती पर पैरों तले रौंद डालो, और मेरी महिमा को धूल में मिला दो।
6 हे यहोवा, क्रोध में उठ! मेरे सतानेवालों के क्रोध के कारण अपने आप को ऊंचा करो; और मेरे लिये उस न्याय के लिये जाग उठ जिसकी आज्ञा तू ने दी है।
7 तब देश देश के लोगों की मण्डली तुझे घेर लेगी; उनके कारण वह ऊंचाइयों पर लौटता है।
8 यहोवा देश देश के लोगों का न्याय करेगा; हे यहोवा, मेरे धर्म और मुझ में जो खराई है उसके अनुसार मेरा न्याय कर।
9 दुष्टों की दुष्टता समाप्त हो जाए, और धर्मी लोग स्थिर रहें; क्योंकि हे धर्मी परमेश्वर, तू हृदय और मन को परखता है।
10 मेरी ढाल परमेश्वर के पास है, वह सीधे मनवालों को बचाता है।
11 परमेश्वर न्यायी और न्यायी है, वह प्रतिदिन क्रोध करनेवाला परमेश्वर है।
12 यदि मनुष्य पश्चाताप न करे तो परमेश्वर उसकी तलवार तेज़ कर देगा; उसने अपना धनुष पहले ही झुकाकर तैयार कर लिया है;
13 और उसने उसके लिये घातक हथियार तैयार किये हैं; और अपने उत्पीड़कों के विरुद्ध ज्वलन्त बाण चलाएगा।
14देखो, वह दुष्टता से पीड़ित है; कल्पित कार्य, और झूठ उत्पन्न करेंगे।
15 उसने एक कुआँ खोदा और उसे गहरा किया, और खुद उस गड्ढे में गिर गया।
16 उसका काम उसके ही सिर पर लौट आएगा; और उसकी हिंसा उसके मस्तिष्क पर उतर आएगी।
17 मैं यहोवा की स्तुति उसके धर्म के अनुसार करूंगा, और परमप्रधान यहोवा के नाम का भजन गाऊंगा।
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