domingo, 25 de maio de 2025

भजन 13 दाऊद अपने अत्यन्त दुःख में परमेश्वर की ओर मुड़ता है और उस पर भरोसा करता है

 भजन 13

दाऊद अपने अत्यन्त दुःख में परमेश्वर की ओर मुड़ता है और उस पर भरोसा करता है


1 हे प्रभु, तू मुझे कब तक भूलेगा? हमेशा के लिए? तुम कब तक मुझसे अपना चेहरा छिपाओगे?

2 मैं कब तक अपने मन में युक्तियां करता रहूंगा, और प्रतिदिन अपने हृदय में शोक करता रहूंगा? मेरा शत्रु कब तक मुझ पर बड़ाई मारता रहेगा?

3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मेरी ओर ध्यान दे, मेरी सुन ले; मेरी आँखों को ज्योति दे, कहीं ऐसा न हो कि मैं मृत्यु की नींद सो जाऊँ;

4 ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहने लगे, कि मैं उस पर प्रबल हो गया; और जब मैं लड़खड़ाऊंगा तब मेरे विरोधी आनन्दित नहीं होंगे।

5 परन्तु मैं तेरी करूणा पर भरोसा रखता हूं; मेरा हृदय तेरे उद्धार से आनन्दित होगा।

6 मैं यहोवा का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरे साथ भलाई की है।

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