quarta-feira, 28 de maio de 2025

भजन 23 प्रभु को अपना चरवाहा मानने का आशीर्वाद

 भजन 23

प्रभु को अपना चरवाहा मानने का आशीर्वाद


1 प्रभु मेरा चरवाहा है; मुझे कुछ घटी नहीं होगी।

2 वह मुझे हरी-भरी चरागाहों में बिठाता है; वह मुझे शांत जल के पास ले जाता है।

3 वह मेरे प्राण को बहाल करता है; वह अपने नाम के निमित्त मुझे धर्म के मार्गों पर ले चलता है।

4 चाहे मैं मृत्यु की छाया की तराई में से होकर चलूं, तौभी मैं बुराई से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ है; तेरी छड़ी और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।

5 तू मेरे शत्रुओं के साम्हने मेरे साम्हने मेज़ सजाता है; तू मेरे सिर पर तेल मलता है; मेरा प्याला छलकता है।

6 निश्चय भलाई और करूणा जीवन भर मेरे साथ-साथ रहेंगी; और मैं सदा यहोवा के भवन में वास करूंगा।

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