quarta-feira, 28 de maio de 2025

भजन संहिता 28 दाऊद परमेश्वर से प्रार्थना करता है कि वह उसे दुष्टों से अलग करे और उसकी विनती सुनने के लिए उसकी स्तुति करता है

 भजन संहिता 28

दाऊद परमेश्वर से प्रार्थना करता है कि वह उसे दुष्टों से अलग करे और उसकी विनती सुनने के लिए उसकी स्तुति करता है


1 हे यहोवा, मेरी चट्टान, मैं तुझ से प्रार्थना करूंगा; तू मेरे प्रति चुप न रह; कहीं ऐसा न हो कि यदि तू मेरे प्रति चुप रहे, तो मैं उन लोगों के समान हो जाऊं जो गड़हे में जाते हैं।

2 जब मैं तुझे पुकारूं, और तेरे पवित्र वचन की ओर हाथ उठाऊं, तब मेरी प्रार्थनाओं की आवाज सुन।

3 मुझे दुष्टों और अधर्मियों के संग न छोड़, जो अपने पड़ोसियों से मेल-मिलाप की बातें करते हैं, परन्तु उनके मन में बुराई है।

4 उनके कामों और उनके परिश्रम की दुष्टता के अनुसार उन्हें बदला दे; उनके हाथों के काम के अनुसार उन्हें दे; उन्हें उनका प्रतिफल दे।

5 क्योंकि उन्होंने यहोवा के कामों और उसके हाथों के कामों पर ध्यान नहीं दिया; इसलिए वह उन्हें ढा देगा और उनका पुनर्निर्माण नहीं करेगा।

6 यहोवा धन्य है, क्योंकि उसने मेरी प्रार्थनाओं की आवाज सुनी है।

7 यहोवा मेरा बल और मेरी ढाल है; मेरा मन उस पर भरोसा रखता है, और मैं सहायता पाता हूँ; इसलिये मेरा मन आनन्दित है, और मैं गीत गाकर उसकी स्तुति करूँगा। 

8 यहोवा अपनी प्रजा का बल है; वह अपने अभिषिक्त का उद्धार करनेवाला बल भी है।

 9 अपनी प्रजा का उद्धार कर, और अपनी निज भूमि को आशीष दे; उनका पालन-पोषण कर और उन्हें सदा सर्वदा बढ़ा।

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