sexta-feira, 28 de fevereiro de 2025

मैं इतिहास 22 डेविड मंदिर बनाने की तैयारी करता है

 मैं इतिहास 22

डेविड मंदिर बनाने की तैयारी करता है


1 और दाऊद ने कहा, यह यहोवा परमेश्वर का भवन होगा, और इस्राएल के लिथे होमबलि की वेदी यही ठहरेगी।

2 और दाऊद ने आज्ञा दी, कि इस्राएल के देश में रहनेवाले परदेशियोंको इकट्ठे किया जाए; और उस ने लोहा काटनेवालोंको आज्ञा दी, कि परमेश्वर का भवन बनाएं।

3 और दाऊद ने प्रवेशद्वारोंकी कीलोंऔर जोड़ोंके लिथे बहुत सा लोहा तैयार किया, और बिना तोल का बहुत सा तांबा भी तैयार किया;

4 और असंख्य देवदार की लकड़ी, क्योंकि सीदोनी और टायरी लोग दाऊद के लिये बहुत सी देवदार की लकड़ी लाते थे।

5 क्योंकि दाऊद ने कहा, मेरा पुत्र सुलैमान अब तक जवान और कोमल है, और जो भवन यहोवा के लिथे बनेगा, वह अति शोभायमान होगा, और सब देशोंमें नाम और महिमा होगी; अब मैं आपके लिए सामग्री तैयार करूंगा। इस प्रकार दाऊद ने अपनी मृत्यु से पहले प्रचुर मात्रा में सामग्री तैयार की।

6 तब उस ने अपके पुत्र सुलैमान को बुलाकर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के लिथे एक भवन बनाने की आज्ञा दी।

7 और दाऊद ने सुलैमान से कहा, हे मेरे पुत्र, मैं ने अपने मन में यह ठाना है, कि अपके परमेश्वर यहोवा के नाम के लिथे एक भवन बनाऊं।

8 परन्तु यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा, कि तू ने बहुत खून बहाया है, और बड़े बड़े युद्ध किए हैं; तुम मेरे नाम के लिये घर न बनाओगे, क्योंकि तुम ने मेरे साम्हने पृय्वी पर बहुत लोहू बहाया है।

9 देख, जो पुत्र उत्पन्न होगा वह विश्राम पुरूष होगा; क्योंकि मैं उसके चारों ओर के सब शत्रुओं से उसे विश्राम दूंगा; इस कारण उसका नाम सुलैमान होगा, और उसके दिनोंमें मैं इस्राएल को शान्ति और विश्राम दूंगा।

10 यही पुरूष मेरे नाम का भवन बनाएगा, और वह मेरा पुत्र ठहरेगा, और मैं उसका पिता ठहरूंगा; और मैं उसके राज्य की राजगद्दी को इस्राएल पर सदा के लिये स्थिर रखूंगा।

11 इसलिये अब, हे मेरे पुत्र, यहोवा तेरे संग रहे; और उन्नति करो, और अपने परमेश्वर यहोवा के कहने के अनुसार उसका भवन बनाओ।

12 यहोवा तुम को केवल विवेक और समझ दे, और इस्राएल के विषय में शिक्षा दे; और यह तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की व्यवस्था का पालन करने के लिये है।

13 तब तू कृतार्थ होगा, और यदि उन विधियोंऔर नियमोंके मानने में चौकसी करेगा, जो यहोवा ने इस्राएल के विषय में मूसा को दी यी, तो हियाव बान्ध और दृढ़ हो; मत डरो, न घबराओ।

14 देख, मैं ने अन्धेर करके यहोवा के भवन के लिये एक लाख किक्कार सोना, और दस लाख किक्कार चान्दी, और तांबा, और भारहीन लोहा तैयार किया है, क्योंकि वह बहुत है; मैं ने लकड़ी और पत्थर भी तैयार किए हैं, और जो घटी है उसे तू पूरा करता है।

15 तेरे पास बहुत से मिस्त्री, और पत्थर और लकड़ी के कारीगर और कारीगर हैं; और सभी प्रकार के कार्यों में सभी प्रकार के बुद्धिमान लोग।

16 सोने, चान्दी, तांबे, और लोहे की गिनती नहीं होती; इसलिये उठकर काम करो, और यहोवा तुम्हारे संग रहेगा।

17 और दाऊद ने इस्राएल के सब हाकिमोंको अपने पुत्र सुलैमान की सहाथता करने की आज्ञा दी, और कहा,

18 क्या तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग नहीं है, और क्या उस ने तुझे चारोंओर से विश्राम नहीं दिया? क्योंकि उस ने पृय्वी के रहनेवालोंको मेरे हाथ में कर दिया है; और देश यहोवा और उसकी प्रजा के वश में हो गया।

19 इसलिये अब अपके परमेश्वर यहोवा की खोज करने के लिथे अपके मन और अपके प्राण को तैयार करो; और उठ, और यहोवा परमेश्वर का पवित्रस्थान बना, कि यहोवा की वाचा का सन्दूक और परमेश्वर के पवित्र पात्र इस भवन में पहुंचाए जाएं, जो यहोवा के नाम के लिथे बनाया जाएगा।

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