मैं इतिहास 06
54 से 65
लेवी के वंशज, उनकी सेवकाई और उनके नगर
54 और हारून के वंश के जो कहातियोंके कुल में से थे, उनके अपने अपने गढ़ोंके अनुसार उनके निवास स्थान ये ही ठहरे, क्योंकि चिट्ठी उन्हीं के नाम पर निकली।
55 इसलिये उन्होंने यहूदा देश में हेब्रोन और उसके चारोंओर की चराइयां उनको दे दीं।
56 परन्तु उस ने नगर का सिवाना यपुन्ने के पुत्र कालेब को दे दिया।
57 और हारून के पुत्रोंने शरण के नगर दिए, अर्थात हेब्रोन, लिब्ना, और यतीर, और इथमुस, और उसकी चराइयां,
58 और हिलेम और उसकी चराइयां, और दबीर और उसकी चराइयां,
59 और आशान और उसकी चराइयां, और बेतशेमेश और उसकी चराइयां।
60 और बिन्यामीन के गोत्र के भाग में से अपक्की अपक्की चराइयोंसमेत गेबा, आलेमेत, और अनातोत, ये सब नगर अपके कुलोंके अनुसार तेरह नगर हुए।
61 परन्तु कहात के वंश के जो आधे गोत्र के आधे मनश्शे के कुल में से बचे रहे उनको चिट्ठी डालकर दस नगर दिए गए।
62 और गेर्शोनियोंको अपके कुलोंके अनुसार इस्साकार, और आशेर, और नप्ताली, और मनश्शे के गोत्रमें से बाशान में तेरह नगर दिए गए।
63 और मरारी के वंश को अपके कुल के अनुसार रूबेन, गाद, और जबूलून के गोत्र में से चिट्ठी डालकर बारह नगर दिए गए।
64 इसलिये इस्राएलियोंने ये नगर और उनकी चराइयां लेवियोंको दे दीं।
65 और उन्हों ने यहूदा के गोत्र, शिमोन और बिन्यामीन के गोत्र के भाग में से ये नगर चिट्ठी डालकर उनको दिए, और उनके नाम उन्होंने रखे।
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