मैं इतिहास 12
जो हेब्रोन में दाऊद के पास आए
23 अब उन हाकिमोंकी गिनती यह है जो युद्ध के लिथे हथियार बान्धकर दाऊद के पास हेब्रोन में आए थे, कि यहोवा के वचन के अनुसार शाऊल का राज्य उसे सौंप दें:
24 यहूदा के वंश में से युद्ध के लिथे हथियार बान्धे हुए छ: हजार आठ सौ पुरूष भाले और भाले थे।
25 शिमोन के वंश में से शूरवीर सात हजार एक सौ।
26 लेवी की सन्तान में से चार हजार छ: सौ।
27 परन्तु यहोयादा हारून के जनोंका प्रधान या, और उसके साय तीन हजार सात सौ,
28 और सादोक जवान होकर भी वीर और वीर था; और उसके पिता के वंश में से बाईस हाकिम।
29 और शाऊल के भाई बिन्यामीनियों में से तीन हजार थे; क्योंकि उस समय तक शाऊल के वंश के बहुत से लोग रह गए।
30 और एप्रैमियोंमें से बीस हजार आठ सौ शूरवीर, और अपने पितरोंके घरानेमें नामी पुरुष।
31 और मनश्शे के आधे गोत्र में से दाऊद को राजा बनाने के लिथे अट्ठारह हजार पुरूष नियुक्त किए गए।
32 और इस्साकार की सन्तान में से जो समय-समय पर यह जानने में निपुण थे कि इस्राएल को क्या करना चाहिए, उनके दो सौ प्रधान और उनके सब भाई भी वचन के अनुसार हुए।
33 जबूलून में से जो सेना में गए थे, उन में से पचास हजार को युद्ध के सब प्रकार के हथियार ले कर लड़ने की आज्ञा दी गई; साथ ही निरंतर हृदय से युद्ध का आदेश देने में निपुण।
34 और नप्ताली में से एक हजार प्रधान, और उनके साय सैंतीस हजार पहिए और भालेधारी।
35 और दानियों में से जो युद्ध के लिथे ठहराए गए, अट्ठाईस हजार छ: सौ।
36 और आशेर के पुरूषोंमें से जो युद्ध की कमान संभालने को सेना में गए थे, वे चालीस हजार थे।
37 और यरदन के उस पार से रूबेनियोंऔर गादियोंऔर मनश्शे के आधे गोत्र में से युद्ध के सब प्रकार के हथियार ले कर एक लाख बीस हजार पुरूष आए।
38 और थे सब योद्धा पांति बान्धकर पूरे मन से हेब्रोन में आए, कि दाऊद को सारे इस्राएल पर राजा खड़ा करें; और और सब इस्राएल के लोगों ने भी दाऊद को राजा बनाने के लिये वैसा ही मन किया।
39 और वे वहां दाऊद के साय तीन दिन तक खाते पीते रहे; क्योंकि उनके भाइयों ने उनके लिये भोजनवस्तु तैयार की थी।
40 और उनके निकटतम पड़ोसी इस्साकार, जबूलून, और नप्ताली तक गदहों, ऊँटों, खच्चरों, और बैलों पर रोटी, और मैदा, अंजीर, और किशमिश के ढेर, और दाखमधु, और तेल, और बैल, और बहुत से मवेशियों पर लादकर ले आते थे; क्योंकि इस्राएल में आनन्द था।
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