quarta-feira, 12 de fevereiro de 2025

मैं इतिहास 12 जो सिकलग में दाऊद के पास आए

 मैं इतिहास 12

जो सिकलग में दाऊद के पास आए

1 ये वे ही हैं जो सिकलग में दाऊद के पास उस समय आए, जब वह कीश के पुत्र शाऊल के कारण बन्द था; और वे इस युद्ध में मदद करने वाले बहादुर लोगों में से थे।

2 वे धनुषधारी थे, और अपने दाहिने और बाएं हाथों से पत्थर फेंकते, और धनुष से तीर चलाते थे; ये शाऊल के भाई बिन्यामीनी थे।

3 अइएजेर प्रधान, और गिबेती शेमा का पुत्र योआश, और अजमावेत के पुत्र यजीएल और पेलेत, और बेराका, और अनातोती येहू,

4 और गिबोनी इश्मायाह जो तीसोंमें वीर और तीसोंपर प्रधान था, और यिर्मयाह, यहजीएल, और योहानान, और गदेरावासी योजाबाद,

5 एलुजै, यरीमोत, बाल्याह, शमर्याह, और हारूपी शपत्याह,

6 एल्काना, यिस्सियाह, अजरेल, योएजेर, और यशोबाम, कोरहवासी,

7 और योएला और जबद्याह गदोरवासी यारोआम के पुत्रा हुए

8 और गतियोंमें से जंगल के दृढ़ स्यान में शूरवीर और लड़नेवाले योद्धा, लाठी और भाले से सुसज्जित होकर दाऊद के पास चले आए, और उनके मुख सिंहोंके से और पहाड़ोंपर हिरन के समान वेग से दौड़े हुए थे।

9 एसेर प्रधान, दूसरा ओबद्याह, तीसरा एलीआब,

10 चौथा मिस्माना, पांचवां यिर्मयाह,

11 छठवीं अताई, सातवीं एलीएल,

12 आठवां योहानान, नौवां एल्जाबाद,

13 दसवाँ यिर्मयाह, ग्यारहवाँ मक्बनै।

14 गाद के वंश में से थे ही सेनापति थे; एक छोटे से एक सौ सरदार का, और एक एक हजार से बड़े का।

15 ये वे ही हैं, जो पहिले महीने में यरदन नदी को पार कर गए, जब वह अपने सब तटों पर बाढ़ ले आई, और घाटियों में रहनेवालों को पूर्व और पश्चिम की ओर भाग जाने पर मजबूर कर दिया।

16 बिन्यामीन और यहूदा के कुछ पुत्र भी गढ़ में दाऊद के पास आए।

17 तब दाऊद उन से भेंट करने को निकला, और उन से कहा, यदि तुम मेल करके मेरे पास आओ, और मेरी सहाथता करो, तो मेरा मन तुम से मिला रहेगा; परन्तु यदि तुम मुझे बिना विश्वासघात किए मेरे शत्रुओं के हाथ में कर दो, तो हमारे पूर्वजों का परमेश्वर इसे देखेगा, और उसे डांटेगा।

18 तब आत्मा ने तीसोंमें से प्रधान अमासै में प्रवेश करके कहा, हे दाऊद, हम तेरे हैं, और हे यिशै के पुत्र, हम तेरे संग हैं! शांति, शांति आपके साथ! और उन लोगों के साथ शांति जो आपकी मदद करते हैं! आपका भगवान आपकी मदद करे. और दाऊद ने उन्हें प्राप्त किया, और उन्हें दलों का प्रधान नियुक्त किया।

19 और मनश्शे से कुछ लोग दाऊद के पास चले गए, जब वह पलिश्तियोंके साथ शाऊल से लड़ने को आया, तौभी उन्होंने उनकी सहायता न की; क्योंकि पलिश्तियोंके हाकिमोंने यह कहकर उसको विदा किया, कि वह हमारे सिरोंकी कीमत चुकाकर अपने स्वामी शाऊल के हाथ में सौंप दिया जाएगा।

20 जब वह सिकलग को लौटा, तो मनश्शे में से अदना, और योजाबाद, और यदीएल, और मीकाएल, और योसाबाद, और एलीहू, और सिलेतै, मनश्शे के हजारों पुरूषोंके सरदार उसके पास आए।

21 और उन्होंने उस दल के विरूद्ध दाऊद की सहायता की, क्योंकि वे सब शूरवीर थे, और सेना में प्रधान थे।

22 क्योंकि उस समय वे प्रतिदिन दाऊद की सहायता करने को उसके पास आते थे, यहां तक ​​कि परमेश्वर की सेना के समान एक बड़ी सेना तैयार न हो गई।

Nenhum comentário:

Postar um comentário