segunda-feira, 3 de fevereiro de 2025

मैं इतिहास 05

 मैं इतिहास 05


1 और इस्राएल के पहिलौठे रूबेन के पुत्रोंको पहिलौठे का अधिकार मिला; ताकि पहिलौठे के अधिकार की वंशावली में न गिना जाए।

2 क्योंकि यहूदा अपने भाइयोंमें सामर्थी और हाकिम था; परन्तु पहिलौठे का अधिकार यूसुफ का था;

3 और इस्राएल के पहिलौठे रूबेन के पुत्र ये हुए: हनोक, और पालू, और हेस्रोन, और कर्मी।

4 योएल के पुत्र: शमायाह का पुत्र गोग, उसका पुत्र शिमी,

5 उसका पुत्र मीका, उसका पुत्र रायाह, उसका पुत्र बाल,

6 उसका पुत्र बीरा, जिसे अश्शूर के राजा तिलगतपिलनेसेर ने बन्दी बना लिया या, वह रूबेनियोंका प्रधान या।

7 और उसके भाई अपके कुलोंके अनुसार अपके वंश के अनुसार गिने गए, और उनके प्रधान यीएल और जकर्याह थे।

8 और बेला, जो अजाज का पुत्र, और शेमा का, और योएल का परपोता था, जो अरोएर में नबो और बाल्मोन तक रहता या,

9 और वह पूर्व की ओर, परात महानद के पास तक जंगल के प्रवेश तक बस गया; क्योंकि गिलाद देश में उसके पशु बहुत बढ़ गए थे।

10 और शाऊल के दिनोंमें उन्होंने हगारियोंसे युद्ध किया, और वे उसके हाथ से मारे गए; और वे गिलाद की सारी पूर्व दिशा के साम्हने अपके तम्बुओंमें बस गए।

11 और गाद उन से पहिले बाशान देश में सलका तक बसे रहे।

12 योएल प्रधान था, और शापान दूसरा; परन्तु यानै और शापात बाशान में ही रह गए।

13 और उसके भाई अपके अपके अपके घरानोंके अनुसार ये हुए; मीकाएल, मशुल्लाम, शेबा, योरै, योकान, जिया, और एबेर, सात।

14 ये अबीएल के पुत्र थे, यह हूरी का पुत्र, यह यारोआ का पुत्र, यह गिलाद का पुत्र, यह मीकाएल का पुत्र, यह यशीसै का पुत्र, यह यादो का पुत्र, यह बूज का पुत्र था;

15 ऐ, जो अब्दीएल का पुत्र और गूनी का पोता था, अपने पिता के घराने का प्रधान या।

16 और वे गिलाद में, और बाशान में, और अपके अपके अधिकार के स्थानोंमें, और शारोन के सब चराइयोंमें, उनके बाहर तक रहने लगे।

17 ये सब यहूदा के राजा योताम के दिनों में, और इस्राएल के राजा यारोबाम के दिनों में, अपनी अपनी वंशावली के अनुसार लिखे गए।

18 रूबेनियों, गादियों, और मनश्शे के आधे गोत्र में से जो बहुत योद्धा थे, और ढाल, तलवार, और धनुष चलानेवाले, और युद्ध में निपुण थे, वे चौवालीस हजार सात सौ थे। साठ, जिस से वे लड़ने को निकले।

19 और उन्होंने यितूर, नफीस, और नोदाब के समान हगरियों से युद्ध किया।

20 और उनके विरुद्ध उनको सहायता दी गई, और हगरनी और उनके सब साथी उनके हाथ में कर दिए गए; क्योंकि उन्होंने युद्ध में परमेश्वर की दोहाई दी, और उस ने उनकी सुनी, क्योंकि उन्होंने उस पर भरोसा रखा।

21 और उन्होंने उनके पशुओं को, अर्यात् उनके पचास हजार ऊँट, और दो लाख पचास हजार भेड़-बकरियां, और दो हजार गदहियोंको बन्धुवाई में ले लिया; और एक लाख मनुष्यों की आत्माएं।

22 क्योंकि लड़ाई परमेश्वर की ओर से थी, इस कारण बहुत से घायल हुए; और वे बन्धुवाई तक उसके स्यान में रहे।

23 और मनश्शे के आधे गोत्र के बच्चे उस देश में बस गए, और बाशान से लेकर बाल-हेर्मोन तक बहुत बढ़ गए।

24 और उनके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरूष ये थे, अर्यात्‌ एपेर, यिशी, एलीएल, अज्रीएल, यिर्मयाह, होदव्याह, और यदीएल, जो वीर और नामी पुरुष थे, और अपके पितरोंके घरानोंके मुख्य पुरुष थे।

25 परन्तु उन्होंने अपके पितरोंके परमेश्वर से विश्वासघात किया, और पृय्वी भर के लोगोंके पराये देवताओं के पीछे हो लिए, जिन्हें परमेश्वर ने उन से पहिले से नाश किया था।

26 इस कारण इस्राएल के परमेश्वर ने अश्शूर के राजा पूल, और अश्शूर के राजा तिलगतपिलनेसेर की आत्मा को उभारा, और उन को अर्थात् रूबेनियोंऔर गादियोंको, और मनश्शे के आधे गोत्र को बन्धुआई में ले लिया; और वे उन्हें हाला, हाबोर, हारा, और गोज़ान नदी तक ले आए, और आज तक ऐसा हुआ।

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