quarta-feira, 26 de fevereiro de 2025

मैं इतिहास 17 दाऊद मन्दिर बनाना चाहता है, परन्तु परमेश्‍वर इसकी अनुमति नहीं देता

 मैं इतिहास 17

दाऊद मन्दिर बनाना चाहता है, परन्तु परमेश्‍वर इसकी अनुमति नहीं देता

1 जब दाऊद अपके घर में या, तब दाऊद ने नातान भविष्यद्वक्ता से कहा, सुन, मैं तो देवदार के घर में रहता हूं, परन्तु यहोवा की वाचा का सन्दूक परदे के नीचे है।

2 तब नातान ने दाऊद से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो वही कर, क्योंकि परमेश्वर तेरे संग है।

3 परन्तु उसी रात को यहोवा का सन्देश नातान के पास पहुंचा,

4 तू जाकर मेरे दास दाऊद से कह, यहोवा यों कहता है, तू मेरे रहने के लिये घर न बनाएगा;

5 क्योंकि जिस दिन से मैं इस्राएल को ले आया उस दिन से आज तक मैं किसी घर में न रहा; परन्तु मैं एक तम्बू से दूसरे तम्बू, और तम्बू से तम्बू तक घूमता रहा।

6 जहां जहां मैं सारे इस्राएल समेत जाता था, वहां वहां इस्राएल के न्यायियों में से जिस को मैं ने अपनी प्रजा की चरवाही करने को ठहराया या, उस से क्या मैं ने यह कहकर कुछ कहा या, कि तू मेरे लिथे देवदार का घर क्यों नहीं बनवाता?

7 इसलिये अब तू मेरे दास दाऊद से योंकहेगा, सेनाओं का यहोवा यों कहता है, मैं तुझे भेड़-बकरियोंके चराने में से इसलिये निकाल लाया हूं, कि तू मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रधान हो।

8 और जहां जहां तू जाता वहां मैं तेरे संग था, और मैं ने तेरे साम्हने से तेरे सब शत्रुओंको नाश किया, और तेरा नाम पृय्वी पर के बड़े बड़े लोगोंके नाम के समान किया।

9 और मैं ने अपनी प्रजा इस्राएल के लिथे एक स्यान ठहराया, और उनको बसाया, कि वे अपके स्यान में बसे रहें, और फिर एक स्यान से दूसरे स्यान में न जाएं; और कुटिलता की सन्तान उन्हें पहिले की भाँति फिर कभी कमज़ोर न करेगी।

10 और उन दिनों से जब मैं ने अपनी प्रजा इस्राएल पर न्यायी ठहराया; परन्तु मैं ने तेरे सब शत्रुओं को मार डाला है; मैं ने तुझे यह भी बता दिया, कि यहोवा तेरे लिये घर बनाएगा।

11 और जब तेरी आयु पूरी हो, और तू अपने पुरखाओं के पास जा सके, तब मैं तेरे पीछे तेरे वंश को जो तेरे वंश में से उत्पन्न होगा उत्पन्न करूंगा, और उसके राज्य को स्थिर करूंगा।

12 यही पुरूष मेरा घर बनाएगा; और मैं तेरी राजगद्दी को सदैव स्थिर रखूंगा।

13 मैं उसका पिता ठहरूंगा, और वह मेरा पुत्र ठहरेगा; और जिस प्रकार मैं ने उसे तेरे पहिले से छीन लिया, उसी प्रकार मैं भी उस से अलग न होऊंगा।

14 परन्तु मैं उसे अपने घर और राज्य में सदा स्थिर रखूंगा, और उसकी राजगद्दी सदैव अटल रहेगी।

15 इन सब बातों के अनुसार, और इस सारे दर्शन के अनुसार नातान ने दाऊद से बातें कीं।

Nenhum comentário:

Postar um comentário