domingo, 9 de fevereiro de 2025

मैं इतिहास 10 शाऊल और उसके पुत्रों की मृत्यु

 मैं इतिहास 10

शाऊल और उसके पुत्रों की मृत्यु

1 और पलिश्ती इस्राएल से लड़े; और इस्राएली पुरूष पलिश्तियोंके साम्हने से भागे, और गिलबो नाम पहाड़ोंपर घायल होकर गिर पड़े।

2 और पलिश्तियों ने शाऊल और उसके पुत्रोंको दबा लिया, और पलिश्तियोंने शाऊल के पुत्र योनातान, अबीनादाब, और मल्कीशू को मार डाला।

3 और शाऊल पर युद्ध भड़क उठा, और धनुर्धारियों ने उसे पा लिया; और वह धनुर्धारियों से बहुत डर गया।

4 तब शाऊल ने अपने हथियार ढोनेवाले से कहा, अपक्की तलवार खींचकर मुझे छेद डाल; कहीं ऐसा न हो कि वे खतनारहित मनुष्य आकर मेरा ठट्ठा करें। परन्तु उसका सरदार ऐसा न चाहता था, क्योंकि वह बहुत डरता था; तब शाऊल ने तलवार ली और उस पर टूट पड़ा।

5 जब उसके हथियार ढोनेवाले ने देखा, कि शाऊल मर गया, तब वह भी तलवार से मारा गया, और मर गया।

6 इस प्रकार शाऊल और उसके तीनों पुत्र मर गए; और उसका पूरा घर एक साथ मर गया।

7 और जब उन्होंने देखा कि तराई में जितने इस्राएली पुरूष थे वे भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्र मारे गए, तब वे अपने नगर छोड़कर भाग गए; तब पलिश्ती आकर उन में बस गए।

8 और दूसरे दिन ऐसा हुआ, कि पलिश्ती मरे हुओंके माल लूटने को आए, और उन्हें शाऊल और उसके पुत्र गिलबो नाम पहाड़ पर पड़े हुए मिले।

9 और उन्होंने उसके कपड़े उतार लिये, और उसका सिर और हथियार ले लिये, और पलिश्तियोंके देश में चारोंओर भेज दिए, कि अपनी मूरतोंऔर लोगोंके साम्हने उसका वर्णन करें।

10 और उन्होंने अपने हथियार अपने देवता के भवन में रख दिए, और उनका सिर दागोन के भवन में रख दिया।

11 जब गिलाद के सब याबेश ने सुना कि पलिश्तियों ने शाऊल से क्या क्या किया है,

12 तब सब योद्धा उठे, और शाऊल और उसके पुत्रोंकी लोथें उठाकर यबेज़ को ले आए; और उन्होंने उसकी हड्डियाँ याबेज़ में एक बांज वृक्ष के तले गाड़ दीं, और सात दिन तक उपवास किया।

13 इसलिये शाऊल अपने उस अपराध के कारण मर गया, जो उस ने यहोवा के विरूद्ध किया या, यहोवा के उस वचन के कारण जिसे उस ने माना न या; और इसलिए भी क्योंकि उसने उससे परामर्श करने के लिए भविष्यवक्ता की तलाश की थी।

14 और उस ने यहोवा की खोज न की, इसलिथे उस ने उसे घात किया, और राज्य यिशै के पुत्र दाऊद को सौंप दिया।

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