अय्यूब 42
परमेश्वर ने अय्यूब को पहले से दुगुनी समृद्धि दी
10 और जब अय्यूब ने अपने मित्रों के लिये प्रार्थना की, तब यहोवा ने उसकी बन्धुआई दूर कर दी, और जितना अय्यूब के पास पहले था, उससे दुगना यहोवा ने उसे दे दिया।
11 तब उसके सब भाई-बहन और जितने लोग उसे पहले से जानते थे, सब उसके पास आए और उसके घर में उसके साथ भोजन किया। उन्होंने उसके लिए विलाप किया और उसे उन सभी बुराइयों के लिए सांत्वना दी जो प्रभु ने उस पर लायी थीं। और उन में से हर एक ने उसे एक सिक्का और एक सोने का लटकन दिया।
12 इस प्रकार यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों को उसके अगले दिनों से अधिक आशीष दी; क्योंकि उसके पास चौदह हज़ार भेड़ें, छः हज़ार ऊँट, हज़ार जोड़ी बैल और हज़ार गदहियाँ थीं।
13 उसके सात बेटे और तीन बेटियाँ भी थीं।
14 और उसने पहली का नाम यमीमा, दूसरी का कैसिया, और तीसरी का नाम केरेन-हप्पुक रखा।
15 और सारे देश में अय्यूब की बेटियों के समान सुन्दर स्त्रियाँ न मिलीं; और उनके पिता ने उन्हें उनके भाइयों के बीच भाग दिया।
16 इसके बाद अय्यूब एक सौ चालीस वर्ष जीवित रहा, और चौथी पीढ़ी तक अपने वंश को देखने पाया।
17 इस प्रकार अय्यूब बूढ़ा होकर, दीर्घायु होकर मर गया।
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