sexta-feira, 6 de junho de 2025

भजन संहिता 52 दाऊद दुष्टों के विनाश की भविष्यवाणी करता है, और परमेश्वर पर भरोसा करता है

 भजन संहिता 52

दाऊद दुष्टों के विनाश की भविष्यवाणी करता है, और परमेश्वर पर भरोसा करता है


1 हे वीर पुरुष, तू बुराई पर क्यों घमण्ड करता है? क्योंकि परमेश्वर की भलाई सदा बनी रहती है।

2 तेरी जीभ तीखे उस्तरे के समान दुष्टता की युक्ति निकालती है, और छल की युक्ति निकालती है।

3 तू भलाई से अधिक बुराई से प्रेम करता है, और धर्म की बातें करने से अधिक झूठ से प्रेम करता है।

4 हे छल करनेवाली जीभ, तू सब प्रकार की भक्षण करनेवाली बातें प्रिय है।

5 परमेश्वर तुझे सदा के लिये नाश करेगा; वह तुझे उखाड़कर तेरे निवासस्थान से उखाड़ देगा, और जीवितों की भूमि से उखाड़ देगा।

6 धर्मी लोग यह देखकर डरेंगे, और उस पर हंसेंगे।

7 उस मनुष्य को देखो जिसने परमेश्वर को अपना बल नहीं बनाया, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा किया, और अपनी दुष्टता में दृढ़ हुआ।

8 परन्तु मैं परमेश्वर के भवन में हरे जैतून के वृक्ष के समान हूं; मैं परमेश्वर की दया पर सदा सर्वदा भरोसा रखता हूं। 

9 मैं सदा तेरी स्तुति करूंगा, क्योंकि तू ने यह किया है; और मैं तेरे नाम की बाट जोहता रहूंगा, क्योंकि यह तेरे पवित्र लोगों की दृष्टि में अच्छा है।

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