domingo, 22 de junho de 2025

भजन 96 सारी पृथ्वी को यहोवा की स्तुति करने और उसका भय मानने का आह्वान

 भजन 96

सारी पृथ्वी को यहोवा की स्तुति करने और उसका भय मानने का आह्वान


1 यहोवा के लिए एक नया गीत गाओ; हे सारी पृथ्वी के लोगो, यहोवा के लिए गाओ!

2 यहोवा के लिए गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन-प्रतिदिन उसके उद्धार की घोषणा करो!

3 राष्ट्रों के बीच उसकी महिमा का, सभी लोगों के बीच उसके आश्चर्यकर्मों का बखान करो।

4 क्योंकि यहोवा महान है और उसकी स्तुति बहुत करनी चाहिए, और वह सब देवताओं से अधिक भययोग्य है।

5 क्योंकि देश-देश के सब देवता व्यर्थ हैं; परन्तु यहोवा ने स्वर्ग को बनाया है।

6 महिमा और ऐश्वर्य उसके सम्मुख हैं; उसके पवित्रस्थान में सामर्थ्य और सुन्दरता है।

7 हे देश-देश के कुलों, यहोवा का गुणगान करो, यहोवा का गुणगान करो, यहोवा का गुणगान करो!

8 यहोवा का गुणगान करो जो उसके नाम के योग्य है; भेंट ले आओ, और उसके आंगनों में आओ।

 9 पवित्रता के तेज से यहोवा की आराधना करो; हे पृथ्वी के सब लोगों, उसके साम्हने कांप उठो।

10 जाति जाति के लोगों से कहो, “प्रभु राज्य करता है; जगत भी स्थिर रहेगा, ऐसा न डगमगाएगा। वह देश देश के लोगों का न्याय धर्म से करेगा।”

11 आकाश आनन्दित हो, पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उसमें जो कुछ है वह गरज उठे।

12 मैदान और उसमें जो कुछ है वह आनन्दित हो; तब जंगल के सब वृक्ष भी आनन्दित होंगे,

13 प्रभु के साम्हने, क्योंकि वह आ रहा है, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आ रहा है। वह जगत का न्याय धर्म से, और देश देश के लोगों का न्याय सच्चाई से करेगा।

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