quinta-feira, 3 de abril de 2025

द्वितीय इतिहास 34 योशिय्याह मन्दिर की मरम्मत करता है। हिल्किय्याह को कानून की किताब मिलती है

 द्वितीय इतिहास 34

योशिय्याह मन्दिर की मरम्मत करता है। हिल्किय्याह को कानून की किताब मिलती है

8 और अपने राज्य के अठारहवें वर्ष में, जब उस ने भूमि और भवन को शुद्ध किया, तब उस ने अपने परमेश्वर यहोवा के भवन की मरम्मत करने के लिथे असल्याह के पुत्र शापान, और नगर के हाकिम मासेयाह, और यहोआहाज के पुत्र इतिहास के लिखने वाले योआह को भेजा।

9 और उन्होंने हिल्किय्याह महायाजक के पास आकर वह रूपया जो यहोवा के भवन में लाया गया या, और जो लेवियोंने डेवढ़ी के रखवालोंने मनश्शे, और एप्रैम, और सब इस्राएल, और सारे यहूदा और बिन्यामीन के हाथ से इकट्ठा किया या, उसे दे दिया; और यरूशलेम को लौट गये।

10 और उन्होंने उसे काम और यहोवा के भवन के अधिक्कार्यियों के हाथ सौंप दिया; और उन्होंने उसे काम करनेवालों को दे दिया, और यहोवा के भवन में परिश्रम करके उस भवन की मरम्मत की।

11 और उन्होंने उसे राजमिस्त्रियों और राजगीरों को दे दिया, कि वे गढ़े हुए पत्थर और जोड़ों के लिये लकड़ी मोल लें; और उन घरों को बनाना जिन्हें यहूदा के राजाओं ने नष्ट कर दिया था।

12 और ये पुरूष उस काम में सच्चाई से परिश्रम करते रहे; और उनके ऊपर जो लेवीय थे, वे मरारी में से योआत और ओबद्याह, और कहातियों में से जकर्याह और मशुल्लाम, जो काम को आगे बढ़ाते थे, और अन्य लेवी भी जो सब वाद्ययंत्र बजाने में कुशल थे, ये थे।

13 और वे सब काम करनेवालोंके द्वारपालोंऔर निरीक्षकोंके भी अधिक्कारनेी थे; और लेवियोंमें से लिपिक, सरदार, और द्वारपाल थे।

14 और जब वे वह रूपया जो वे यहोवा के भवन में ले आए थे, निकाल ले गए, तब हिल्किय्याह याजक को यहोवा की व्यवस्था की वह पुस्तक जो मूसा के द्वारा दी हुई मिली, मिली।

15 हिल्किय्याह ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिल गई है। और हिल्किय्याह ने वह पुस्तक शापान को दी।

16 और शापान पुस्तक राजा के पास ले गया, और यह भी समाचार दिया, कि तेरे दास जो कुछ करने को नियुक्त किए गए हैं वही करते हैं।

17 और जो रूपया यहोवा के भवन में या, उसको उन्होंने इकट्ठा करके अध्यक्षोंऔर काम करनेवालोंके हाथ में सौंप दिया।

18 फिर शापान मंत्री ने राजा को यह समाचार दिया, कि हिल्किय्याह याजक ने मुझे एक पुस्तक दी है। और शापान ने उसे राजा के साम्हने पढ़ा।

19 जब राजा ने व्यवस्था की बातें सुनीं, तब उस ने अपने वस्त्र फाड़े।

20 और राजा ने हिल्किय्याह, और शापान के पुत्र अहीकाम, और मीका के पुत्र अब्दोन, और शापान मंत्री, और राजा के मंत्री असायाह के पास कहला भेजा,

21 तू जाकर मेरे और इस्राएल और यहूदा के बचे हुओं के लिथे इस पुस्तक के वचनोंके विषय में यहोवा से पूछ; क्योंकि यहोवा का क्रोध बड़ा है, जो हम पर भड़का है; क्योंकि हमारे पुरखाओं ने यहोवा का वचन नहीं माना, कि इस पुस्तक में जो कुछ लिखा है उसके अनुसार करो।

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