quinta-feira, 24 de abril de 2025

एस्तेर 04 यहूदियों की घबराहट और दुःख

 एस्तेर 04

यहूदियों की घबराहट और दुःख

1 जब मोर्दकै को यह सब मालूम हुआ, तब उसने अपने वस्त्र फाड़े, टाट ओढ़ लिया, और राख डाल कर नगर के बीच में जाकर ऊंचे और दु:ख भरे स्वर से चिल्ला उठा।

2 और वह राजभवन के फाटक पर आया; क्योंकि टाट ओढ़े हुए कोई भी व्यक्ति राजा के फाटकों में प्रवेश नहीं कर सकता था।

3 और हर एक प्रान्त में, जहाँ कहीं राजा का वचन और नियम पहुँचा, वहाँ यहूदियों में बड़ा विलाप होने लगा; वे उपवास, रोना और विलाप करने लगे; और बहुत से लोग टाट ओढ़े और राख में पड़े रहे।

4 तब एस्तेर की सहेलियों और खोजों ने आकर उसको यह समाचार दिया, और रानी को बहुत दुःख हुआ। और मोर्दकै को वस्त्र पहनाने और उसका टाट उतार देने के लिये वस्त्र भेज दिए; परन्तु उसने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

5 तब एस्तेर ने राजा के खोजों में से हताक को, जिसे राजा ने उसके साम्हने खड़ा किया था, बुलाकर मोर्दकै को आज्ञा दी, कि पता लगाए कि यह क्या बात है, और किस प्रयोजन के लिए है।

6 तब हताक नगर के उस चौक में, जो राजभवन के फाटक के साम्हने था, मोर्दकै के पास गया।

7 तब मोर्दकै ने जो कुछ उसके साथ हुआ था, सब उसको कह सुनाया। और हामान ने यहूदियों से कहा था कि वह राजा के भण्डार में चाँदी देगा, और यह भी कहा था कि वह राजा के भण्डार को उजाड़ने के लिए चाँदी देगा।

8 फिर उसने उसे एक लिखित नियम भी दिया जो शूशन में उनके नाश करने के लिये लिखा गया था, ताकि वह उसे एस्तेर को दिखाए और उसे उसके विषय में बताए। और उसे आज्ञा दी कि राजा के पास जाए, और उसके सामने उसकी प्रजा के लिये बिनती करे।

9 तब हताक ने एस्तेर के पास जाकर मोर्दकै की बातें बता दीं।

10 तब एस्तेर ने हताक से यह बात कह कर मोर्दकै के पास यह कहला भेजा,

11 राजा के सब कर्मचारी और उसके प्रान्तों के लोग जानते हैं कि जो कोई बिना बुलाए राजा के भीतरी आंगन में प्रवेश करेगा, उसके लिये एक ही दण्ड है, अर्थात प्राणदण्ड; परन्तु यदि राजा उसके आगे सोने का राजदण्ड न बढ़ा दे, तो वह जीवित रह जाएगा। और इन तीस दिनों से मुझे राजा के पास आने के लिये नहीं बुलाया गया।

12 तब उन्होंने मोर्दकै को एस्तेर की बातें बता दीं।

13 तब मोर्दकै ने उनसे कहा कि एस्तेर से फिर कहो, “यह मत सोचो कि तुम राजा के भवन में अन्य यहूदियों से अधिक बच सकोगी।

14 क्योंकि यदि तुम इस समय चुप रहो, तो यहूदियों को किसी और स्थान से छुटकारा और छुटकारा मिल जाएगा, परन्तु तुम और तुम्हारे पिता का घराना नाश हो जाएगा। और कौन जानता है कि क्या तुम ऐसे ही समय के लिए इस राज्य में आये हो?

15 तब एस्तेर ने उनसे कहा कि वे मोर्दकै से फिर कहें,

16 तुम जाकर शूशन में रहने वाले सब यहूदियों को इकट्ठा करो, और मेरे लिये उपवास करो; और तीन दिन तक न तो रात खाओ और न पीओ; मैं और मेरी सहेलियाँ भी इसी प्रकार उपवास करेंगी; और मैं राजा के पास जाऊँगा, यद्यपि यह नियम के अनुसार नहीं है; और, नाश होकर, मैं नाश हो जाऊंगा।

17 तब मोर्दकै ने जाकर एस्तेर की सारी आज्ञाओं के अनुसार किया।

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