terça-feira, 29 de abril de 2025

नौकरी 01 अय्यूब का सद्गुण, प्रलोभन और हानियाँ

 नौकरी 01

अय्यूब का सद्गुण, प्रलोभन और हानियाँ


1 ऊज़ देश में अय्यूब नाम एक पुरुष था; वह खरा और सीधा मनुष्य था और परमेश्वर का भय मानता और बुराई से दूर रहता था।

2 और उसके सात बेटे और तीन बेटियाँ पैदा हुईं।

3 और उनके पशु सात हजार भेड़-बकरी, तीन हजार ऊँट, पाँच सौ जोड़ी बैल, और पाँच सौ गदहियाँ थीं; उसकी सेवा में भी बहुत से लोग थे, इतने अधिक कि वह व्यक्ति पूर्व से आये सभी लोगों से महान था।

4 और उसके बेटे अपने-अपने दिन पर अपने-अपने घर में जाकर भोज करते थे; और उन्होंने अपनी तीनों बहनों को अपने साथ खाने-पीने के लिए बुलाया।

5 जब उनके भोज के दिन पूरे हो जाते, तब अय्यूब उन्हें बुलवाकर पवित्र करता, और बड़े भोर को उठकर उनकी गिनती के अनुसार होमबलि चढ़ाता था; क्योंकि अय्यूब सोचता था, “कदाचित् मेरे लड़कों ने पाप करके अपने मन में परमेश्वर की निन्दा की हो।” अय्यूब ने ऐसा ही निरन्तर किया।

6 और एक दिन ऐसा हुआ कि परमेश्वर के पुत्र यहोवा के सामने उपस्थित हुए, और उनके बीच शैतान भी आया।

7 तब यहोवा ने शैतान से पूछा, “तू कहाँ से आया है?” शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, कि पृथ्वी पर इधर उधर घूमते फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।

8 तब यहोवा ने शैतान से पूछा, क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है? क्योंकि उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय माननेवाला और बुराई से दूर रहनेवाला मनुष्य और कोई नहीं है।

9 तब शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, “क्या अय्यूब परमेश्वर का भय बिना लाभ के मानता है?

10 क्या तूने उसको, उसके घराने को, और उसके सारे सामान को घेरकर न रखा? तूने उसके कामों को आशीष दी है, और उसके पशु देश में बढ़ते जा रहे हैं।

11 परन्तु अपना हाथ बढ़ाकर जो कुछ उसका है, उसे छू ले, तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।

12 तब प्रभु ने शैतान से कहा, देख, जो कुछ उसका है, वह सब तेरे हाथ में है; केवल अपने ऊपर अपना हाथ मत बढ़ाओ। और शैतान प्रभु के सामने से चला गया।

13 एक दिन ऐसा हुआ कि उसके बेटे-बेटियाँ अपने बड़े भाई के घर में खा रहे थे और दाखमधु पी रहे थे।

14 तब एक दूत अय्यूब के पास आया और कहने लगा, “बैल हल चला रहे थे और गधे उनके पास चर रहे थे।

15 और देखो, शबाइयों ने उन पर हमला करके उन्हें पकड़ लिया, और उनके जवानों को तलवार से मार डाला; और मैं ही केवल समाचार देने के लिये भाग गया।

16 वह अभी बोल ही रहा था, कि एक और आया और कहने लगा, “परमेश्वर की आग स्वर्ग से गिरी और उसने भेड़ों और सेवकों को जलाकर भस्म कर दिया, और मैं अकेला बचकर तुझे समाचार देने आया हूँ।”

17 वह अभी बोल ही रहा था, कि एक और आकर कहने लगा, कि कसदियों ने तीन दल बान्धकर ऊँटों पर धावा किया, और उन्हें छीन लिया, और जवानों को तलवार से मार डाला है; और केवल मैं ही बचकर तुझे समाचार देने आया हूँ।

18 वह अभी बोल ही रहा था कि एक और आदमी आया और बोला, “आपके बेटे-बेटियाँ अपने बड़े भाई के घर में खा रहे थे और दाखमधु पी रहे थे।

19 और देखो, जंगल की ओर से एक बड़ी आँधी आई, और घर के चारों कोनों को हिलाकर जवानों पर गिर पड़ी, और वे मर गए; और केवल मैं ही बचकर तुम्हें समाचार देने आया हूँ।

20 तब अय्यूब उठा, और अपने बागे फाड़, सिर मुंडा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत् किया।

21 उसने कहा, मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; प्रभु ने दिया और प्रभु ने ले लिया; प्रभु के नाम की रहमत बरसे।

22 इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर गलत आरोप लगाया।

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