quinta-feira, 24 de abril de 2025

एस्तेर 03 हामान को ऊंचा किया जाता है, और मोर्दकै के प्रति घृणा पैदा की जाती है

 एस्तेर 03

हामान को ऊंचा किया जाता है, और मोर्दकै के प्रति घृणा पैदा की जाती है

1 इन बातों के बाद राजा क्षयर्ष ने अगागी हम्मदाता के पुत्र हामान को पदवी देकर उसको उन्नति दी; और अपने साथ के सब हाकिमों से ऊंचे स्थान पर अपना सिंहासन ठहराया।

2 और राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे सब हामान के सामने झुककर दण्डवत् करने लगे। क्योंकि राजा ने उसके विषय में ऐसी आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै ने न तो सिर झुकाया और न ही दण्डवत् किया।

3 तब राजा के सेवक जो राजभवन के फाटक में रहते थे, उन्होंने मोर्दकै से पूछा, “तू राजा की आज्ञा क्यों टालता है?”

4 जब उन्होंने उसको प्रतिदिन ये बातें बताईं, और उसने उनकी न मानी, तब उन्होंने हामान से कहा, कि देखें, मोर्दकै की बातें सच होंगी कि नहीं, क्योंकि उसने तो उनसे कहा था, कि मैं यहूदी हूँ।

5 जब हामान ने देखा कि मोर्दकै ने न तो उसके आगे सिर झुकाया और न ही उसे प्रणाम किया, तब वह क्रोधित हुआ।

6 परन्तु केवल मोर्दकै पर हाथ डालना उसको छोटी बात लगी, क्योंकि उन्होंने उसको बता दिया था कि मोर्दकै कौन है; इसलिए हामान ने अहशवेरोश के राज्य में रहने वाले सभी यहूदियों, अर्थात् मोर्दकै के लोगों को नष्ट करने की कोशिश की।

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